जयपुर की पेयजल व्यवस्था का असामयिक निधन, श्रद्धांजलि सभा

AYUSH ANTIMA
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जयपुर (श्रीराम इंदौरिया): जयपुर शहर में जारी भीषण जल संकट और जलदाय विभाग की कुंभकर्णी नींद के विरोध में आज वार्ड नंबर 134 के पार्षद पंडित करण शर्मा के नेतृत्व में स्थानीय निवासियों ने एक अनोखा और प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया। पिछले डेढ़ महीने से लगातार पानी की समस्या को लेकर आंदोलनरत पार्षद करण शर्मा ने जयपुर शहर की दम तोड़ चुकी 'पेयजल व्यवस्था' को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान मौजूद जनता को संबोधित करते हुए पार्षद पंडित करण शर्मा ने कहा, "आज बड़े दुख और आक्रोश के साथ हमें जयपुर की पेयजल व्यवस्था की 'शोक सभा' करनी पड़ रही है। पिछले डेढ़ महीने से मैं लगातार जनता की प्यास बुझाने के लिए जलदाय विभाग के चक्कर काट रहा हूँ, धरने दे रहा हूँ, प्रदर्शन कर रहा हूँ, लेकिन प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। शहर के कई इलाकों में हफ़्तों से पानी नहीं आया है, और जहाँ आ रहा है वहाँ गंदा और कम दबाव का पानी मिल रहा है। जब सरकारी तंत्र पूरी तरह मृत हो चुका हो, तो श्रद्धांजलि देने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता।"
*पिछले डेढ़ महीने से जारी है अनवरत संघर्ष*
पंडित करण शर्मा ने बताया कि पार्षद करण शर्मा पिछले 45 दिनों से लगातार जनता की इस मूलभूत समस्या को लेकर सड़कों पर हैं। जलदाय विभाग के कार्यालयों के घेराव से लेकर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने तक, हर स्तर पर प्रयास किए जा चुके हैं। भीषण गर्मी के इस दौर में जब आम जनता, विशेषकर गृहणियां और छात्र, पानी के एक-एक टैंकर के लिए तरस रहे हैं, तब विभाग मूकदर्शक बना बैठा है। करण शर्मा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यह श्रद्धांजलि प्रदर्शन जलदाय विभाग और प्रशासन के लिए आखिरी चेतावनी है। अगर अगले 48 घंटों के भीतर स्वेज फार्म, नंदपुरी, करतारपुरा सहित पूरे जयपुर शहर की पेयजल आपूर्ति को सुचारू नहीं किया गया और प्रभावित इलाकों में टैंकरों की उचित व्यवस्था नहीं की गई, तो इस आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। इसके बाद होने वाले किसी भी जन-आक्रोश की पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। इस अनूठे प्रदर्शन में क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिक, बड़ी संख्या में युवा और मातृशक्ति उपस्थित रही, जिन्होंने खाली मटके पर माला चढ़ाकर और पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि दी।और तख्तियां थामकर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

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