झुंझुनूं में भक्तिमय हुआ वातावरण: भव्य कलश यात्रा के साथ शुरू हुआ श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ

AYUSH ANTIMA
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झुंझुनूं (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): आध्यात्मिक नगरी झुंझुनूं में सोमवार, 25 मई को भक्ति की बयार बहने के साथ ही 'श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ' का भव्य आगाज हो गया है। स्मृतिशेष श्रीमती सुवादेवी एवं श्री डूंगरमल जी पाटोदिया के दिव्य स्मरण में आयोजित इस सात दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान के पहले दिन का दृश्य अत्यंत मनोहारी और भक्तिपूर्ण रहा।

*कलश यात्रा के साथ भक्ति का शंखनाद*
कार्यक्रम की शुरुआत भव्य कलश यात्रा के साथ हुई। सुबह 07:15 बजे 'पाटोदिया ट्रांसपोर्ट' से प्रारंभ हुई इस यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं ने पारंपरिक रंग-बिरंगे परिधान पहनकर भाग लिया। सिर पर मंगल कलश धारण किए महिलाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था, जो पूरे मार्ग को भक्ति के रंग में सराबोर कर रहा था। यह कलश यात्रा विभिन्न मार्गों से होती हुई कथा स्थल 'मुकुन्द सेवा सदन' (मोदी रोड़) पहुंची।

*ज्ञान की गंगा और कथा का महत्व*
प्रथम दिवस की कथा में प्रख्यात कथा व्यास श्री दुर्गादत्त जी व्यास (बीकानेर) ने अपने ओजस्वी मुखारविन्द से श्रीमद्भागवत कथा के महत्व का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भागवत कथा मात्र एक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का एक सरल और सुगम मार्ग है। कथावाचक की मधुर वाणी ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।

*आगामी प्रमुख कार्यक्रम*

यह आध्यात्मिक महोत्सव 25 मई से 31 मई 2026 तक निरंतर चलेगा। 
*कार्यक्रम की रूपरेखा इस प्रकार है*

* दैनिक कथा: प्रतिदिन दोपहर 2:15 बजे से सायं 6:15 बजे तक।
* भक्तिपूर्ण भजन संध्या: 28 मई, गुरुवार को सायं 7:15 बजे से मनीष भाटी एवं सज्जन दाधीच एण्ड पार्टी द्वारा सुमधुर भजनों की प्रस्तुति।
* सुन्दर काण्ड पाठ व समापन: 31 मई, रविवार को सायं 6:15 बजे आत्माराम जी जांगिड़ के मुखारविन्द से सुन्दरकाण्ड पाठ के साथ समापन।
* पाटोदिया परिवार की सेवा और समर्पण: श्रीमती सुशीला देवी एवं जुगलकिशोर पाटोदिया के मार्गदर्शन में हो रहे इस पुनीत कार्य को सफल बनाने में पाटोदिया परिवार के सदस्य पूरी निष्ठा से जुटे हैं। 
आयोजन में नथमलजी-श्रीमती श्रवणी देवी पाटोदिया, श्रीमती भनभरी देवी पाटोदिया (धर्मपत्नी स्व.श्री चौथमलजी), जगदीश प्रसाद व कौशल्या देवी, रामानंद व रेखा पाटोदिया, जुगल किशोर व सुशीला देवी, पवन कुमार व सुनीता देवी, सुरेश कुमार व शशी देवी पाटोदिया का विशेष योगदान है, साथ समस्त परिजन व मित्रगण इस भक्ति महोत्सव को भव्य बनाने में पूर्ण समर्पण के साथ कार्यरत हैं। इस अवसर पर शहर के अन्य गणमान्य जन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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