झुंझुनूं (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): जिले के खुंडियां गांव स्थित पंचायत भवन में मंगलवार को भारतीय किसान संघ की ग्राम समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में किसानों के सशक्तिकरण, संगठन की रीति-नीति और आधुनिक खेती के विकल्पों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष डॉ.पवन चौधरी ने किसानों से संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारतीय किसान संघ किसानों की जीवन रेखा है और किसानों को अपने संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक रहते हुए नीतिबद्ध तरीके से अपनी मांगें प्रशासन तक पहुंचानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब गांव का किसान आर्थिक रूप से मजबूत होगा, तभी ग्रामीण क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास संभव हो सकेगा। इस दौरान युवाओं को भी खेती और संगठन की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया। बैठक के तकनीकी सत्र में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ.राजेन्द्र नागर ने किसानों को रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए गौ-आधारित खेती को भविष्य की खेती बताया। उन्होंने कहा कि जैविक खाद और कीटनाशक घर पर तैयार होने से खेती की लागत कम होती है, मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ती है, जल संरक्षण में मदद मिलती है तथा रसायन मुक्त फसल से स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी कम होते हैं। साथ ही बाजार में जैविक उपज का बेहतर मूल्य मिलने की बात भी कही। डॉ.पवन चौधरी ने बताया कि ‘राष्ट्रहित में किसान हित’ संगठन का मूल मंत्र है तथा ग्राम समिति संगठन की मजबूत इकाई के रूप में किसानों की स्थानीय समस्याओं को जिला स्तर तक पहुंचाकर समाधान का कार्य करती है। कार्यक्रम में अनिल पूनिया ने भी एकता और संगठन की शक्ति पर जोर दिया। बैठक में सरपंच प्रतिनिधि मोहन सिंह सहित क्षेत्र के करीब 70 से 80 प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे। साथ ही बताया गया कि जिलेभर में ग्राम समिति पुनर्गठन अभियान चलाया जा रहा है, ताकि अंतिम छोर पर खड़े किसान की आवाज शासन-प्रशासन तक मजबूती से पहुंच सके।
संगठित किसान और गौ-आधारित खेती से ही समृद्ध होंगे गांव: डॉ.पवन चौधरी
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May 13, 2026
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