ईसरदा बांध का पानी टोंक जिले के लोगों को नहीं मिलने के कारण किसानों में बढ़ रहा है आक्रोश

AYUSH ANTIMA
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टोंक (लालचंद माली): जिले के किसानों की पीड़ा आज कोई भी सुनने को तैयार नहीं है। किसानों ने बताया कि केवल किसानों को सरकारे चुनाव के समय याद करती है, उसके बाद किसानों को भूल जाती है। उन्होंने बताया कि किसानों के साथ सरकारे यूज एंड थ्रो वाला व्यवहार कर रही है। उन्होंने यहां तक बताया कि किसान अब किसी भी सरकार के बहकावे में नहीं आने वाले हैं। आने वाले दिनों में किसान अपने मताधिकार का प्रयोग सोच समझकर करेगा, जो सरकार किसानों के हित की बात करेगी, किसान उस सरकार का समर्थन करेंगे। उन्होंने बताया कि गांव हमारे उठेंगे, ज़मीन हमारी खत्म होगीं, बेरोजगार हम होंगे, बे-घर टोंक निवासी होंगे। उसके उपरांत भी नहर का पानी खेतों एवं पीने के लिए नही मिलेगा।
जाट ने बताया कि बीसलपुर बांध सिंचाई के लिए बनाया गया था, जिसमें निवाई क्षेत्र के लिए सिंचाई तन्त्र विकसित करना था। सिंचाई परियोजना को विकसित करने की आवाज नहीं उठाने के कारण बीसलपुर बांध से जयपुर को पेयजल के नाम पर पानी दिया गया जबकि जयपुर का प्रशासनिक तंत्र रामगढ़ बांध के साथ ही हजारों तालाब, तलाई, कुआं खत्म करके टोंक जिले के किसानों के पीछे पड़ गया। इसी प्रकार ईसरदा बांध का निर्माण वर्ष 2015 में आरंभ हुआ तब केवल लालसोट व सवाईमाधोपुर जिले की चौथ का बरवाड़ा तहसील को पेयजल का 3.57 टीएमसी पानी दिया जाना था। वर्ष 2025 में बजट घोषणा के माध्यम से 4 टीएमसी पानी पेयजल के लिए जयपुर को दिया जाना तय हुआ। इसी प्रकार 193 किलोमीटर दूर जाकर भरतपुर में सिंचाई परियोजना बनाने जा रहे हैं।
टोंक जिलेवासियों के लिए यह कहावत चरितार्थ होती नजर आ रही है कि "घर का पूत कुंवारा डोले पाडो़ंसी का फैरा" जबकि निवाई के दोनों तरफ से पानी ले जाया जा रहा है। मोरेल बांध तक बहड़ की और से नहर निकाल रहें हैं। रामगढ़ बांध तक जोधपुरिया बांध के ऊपर से नहर निकाले रहें हैं, फिर भी बांध का पानी क्षेत्र के लोगों को नहीं दिया जा रहा है। किसान महापंचायत की जल यात्रा को गांव-गांव में जबरदस्त समर्थन मिल रहा है, साथ ही तन -मन-धन से सहयोग करने का संकल्प भी ले रहें हैं। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष मुसद्दी लाल यादव, युवा प्रदेशाध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद चौधरी, प्रदेश मंत्री बत्ती लाल बैरवा, गोपीराम डबास, ज़िला अध्यक्ष गोपीलाल डोड़वाडी, उपाध्यक्ष सीताराम खादवाल, प्रचार मंत्री राधेश्याम गोहरपुरा, तहसील अध्यक्ष पीपलू दुल्लाराम प्रजापत, निवाई कोषाध्यक्ष मोहन लाल खोडा, महासचिव गोविंद पलेई, शंकर लाल मुड़िया उपाध्यक्ष, सुरज पलेई यात्रा सह संयोजक, राजाराम संयोजक पहाड़ी, गोपाल पराना संयोजक, आशाराम गोपालपुरा चनानी पंचायत अध्यक्ष, गोपाल डोडवाडी, दशरथ सिंह चौहान सहित अनेक पदाधिकारी एवं किसान मौजूद रहे।
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