बीकानेर: जिले के श्रीडूंगरगढ़ तहसील में एक युवक के साथ मारपीट कर बस से फैंकने पर उपचार के दौरान हुई मौत के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने मोर्चरी के आगे धरना देकर पुलिस व जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। धरनार्थियों ने मारपीट करने वालों को गिरफ्तार नहीं करने की स्थिति में शव नहीं उठाने की बात भी कही है। मृतक के भाई जगदीश नायक ने बताया कि उसका भाई हनुमान राम तीस अप्रैल को अपनी बेटी को लेने आड़सर से गुसाईंसर जा रहा था। इस दौरान अवैध रूप से संचालित हो रही एक निजी बस के चालक व उसके साथियों ने हनुमान राम के साथ मारपीट की और उसको सड़क पर पटक दिया। गंभीर अवस्था में हनुमान राम को 30 अप्रैल को पीबीएम अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां इलाज के दौरान देर रात उसकी मौत हो गई। प्रदर्शन करने वालों ने आरोप भी लगाया है कि पुलिस इस मामले को दुर्घटना का रूप दे रही है। प्रदर्शन करने वाले ग्रामीणों का कहना है कि शव को तब तक नहीं उठाया जाएगा, जब तक मारपीट करने वालों की गिरफ्तारी नहीं होगी। साथ ही साथ उन्होंने मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपए आर्थिक मुआवजा और मृतक के लड़के को संविदा पर नौकरी की मांग भी की है।
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