बिरला स्कूल पिलानी के आराधना हॉल में गूँजी राष्ट्रभक्ति की स्वरधारा

AYUSH ANTIMA
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पिलानी (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): बिरला शिक्षण संस्थान के अंतर्गत बिरला स्कूल पिलानी के रेजिडेंशियल विंग स्थित आराधना हाल मे ऑपरेशन सिंदूर के प्रथम स्मृति समारोह का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बिरला शिक्षा संस्थान के निदेशक मेजर जनरल एसएस नायर (एवीएसएम, रिटायर्ड), उपनिदेशक अजय कुमार अग्रवाल (प्रशासन एवं वित्त), पिलानी के भूतपूर्व सैनिक, भारतीय सेना के रिटायर्ड अधिकारी, वरिष्ठ नागरिक तथा गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
विशिष्ट अतिथियों में प्रोफेसर सुधीर कुमार बरई डायेरक्टर, बिट्स, कर्नल चक्रवर्ती रजिस्ट्रार, बिट्स पिलानी, कर्नल शौकत अली, कर्नल अवतार सिंह, डॉ.आरपी पारीक, डॉ.मनोज जांगिड़, चंद्रशेखर राठौड़, कपिल शर्मा, पीजे ठाकुरिया, डॉ.एचएस सांखला, जेपी सोनी, मातूराम वर्मा, आरपी डाडा, जेपी शर्मा तथा शोभा वर्मा की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के प्राचार्य धीरेंद्र सिंह के निर्देशन में विद्यालय की एनसीसी विंग के विनय कुमार, एनसीसी सैकंड ऑफिसर नेवी विंग, रमेश कुमार, एनसीसी सैकंड ऑफिसर एयर विंग), मयंक तिवारी, एनसीसी आर्मी विंग द्वारा किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ दीप प्रज्वलन द्वारा हुआ। विद्यालय के एनएन मिश्रा ने ऑपरेशन सिंदूर की स्मृति को अपनी औजपूर्ण वाणी द्वारा कविता के माध्यम से प्रस्तुत किया, इसके साथ ही सभागार में उपस्थित भूतपूर्व सैन्य प्रहरियों ने ऑपरेशन सिंदूर से संबंधित अपने विचार और भारतीय सेना की गरिमा एवं वीरता का वर्णन अपने अनुभवों द्वारा प्रस्तुत किया। निदेशक मेजर जनरल एसएस नायर ने ऑपरेशन सिंदूर की आवश्यकता और उसके बाद राष्ट्र एवं भारतीय सेना की रणनीति एवं सैन्य तैयारी के बारे में सभी को परिचित करवाया। उन्होंने उपस्थित समूह से अनुशासन, राष्ट्र सेवा एवं नैतिक मूल्यों को जीवन में अपने का आह्वान किया। प्राचार्य धीरेंद्र सिंह ने अपने संदेश में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर का यह स्मृति समारोह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हमारे राष्ट्र की अखंडता, स्वाभिमान और वीरता का संजीव प्रतीक है। उन्होंने युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए सदैव तत्पर रहने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में रेजिडेंशियल विंग से छात्र कुशाग माहेश्वरी ने ऑपरेशन सिंदूर से संबंधित कविता में अपने भाव प्रस्तुत करते हुए बताया कि जब-जब मातृभूमि पर संकट आया, तब तब हमारे वीर सपूतों ने अपने प्राणों का अर्पण कर भारत माता के मस्तक को सिंदूर से सुशोभित किया है। वीररस से परिपूर्णं ‘भीष्म का द्वन्द्व’ की प्रस्तुति छात्र श्रेयस शर्मा ने दी। इस कविता के माध्यम से युद्ध की विभीषिका एवं अन्याय का विरोध ना कर पाने की भीष्म की विवशता का वर्णन करते हुए बताया कि अन्याय का प्रतिकार आवश्यक है। इस अवसर पर बिरला शिक्षण संस्थान की प्राचार्या काजल मारवाहा, अचला वर्मा, प्राचार्य पवन वशिष्ठ, एसपी आनंद भी उपस्थित रहे। विद्यालय के बरसर अनिल अवस्थी और मीडिया प्रवक्ता डॉ.अमरदीप शर्मा ने कार्यक्रम के सफल संचालन में अपनी महती भूमिका निभायी ।

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