जयपुर/पिलानी (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष परम पूज्य जगद्गुरु सनातन सम्राट स्वामी चक्रपाणि जी महाराज के निर्देश एवं मार्गदर्शन में, संगठन की राष्ट्रीय महामंत्री डॉ.इंदिरा तिवारी द्वारा बिहार, उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा एवं हिमाचल प्रदेश हिंदू महासभा की प्रदेश समितियों तथा उनके अंतर्गत संचालित सभी प्रकोष्ठों/विंगों को तत्काल प्रभाव से भंग किए जाने की घोषणा की गई है। यह निर्णय संगठन को अधिक सक्रिय, सशक्त, अनुशासित एवं जन-जन तक प्रभावी रूप से पहुँचाने के उद्देश्य से लिया गया है। संगठनात्मक समीक्षा के उपरांत यह पाया गया कि अनेक स्थानों पर संगठन को नई गति एवं नई ऊर्जा देने की आवश्यकता है, जिसके दृष्टिगत यह पुनर्गठन प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। राष्ट्रीय महामंत्री डॉ.इंदिरा तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि उपरोक्त पाँचों प्रदेशों में सर्वप्रथम व्यापक सदस्यता अभियान चलाया जाएगा। सदस्यता अभियान के माध्यम से नए एवं समर्पित कार्यकर्ताओं, युवाओं, मातृशक्ति तथा समाज के विभिन्न वर्गों को संगठन से जोड़ा जाएगा। सदस्यता अभियान पूर्ण होने के उपरांत चरणबद्ध तरीके से प्रदेश, जिला, महानगर, तहसील, वार्ड एवं ग्राम इकाई स्तर तक नवीन समितियों का विधिवत गठन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि नवीन प्रदेश समितियाँ प्रारंभिक रूप से 6 माह के लिए गठित की जाएँगी तथा उनके कार्य, सक्रियता एवं संगठन विस्तार के आधार पर उनका कार्यकाल आगे बढ़ाया जाएगा। इसी प्रकार जिला, नगर, तहसील एवं ग्राम स्तर पर कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों को उनके कार्य एवं संगठन के प्रति समर्पण के आधार पर क्रमशः आगे बढ़ने एवं पदोन्नति का अवसर प्रदान किया जाएगा। डॉ.इंदिरा तिवारी ने कहा कि बहुत जल्द संगठन द्वारा विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएँगे, जिनमें कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों को यह प्रशिक्षण दिया जाएगा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक हिंदू महासभा की विचारधारा एवं परम पूज्य स्वामी चक्रपाणि जी महाराज के राष्ट्रवादी, सनातन एवं सामाजिक विचारों को प्रभावी ढंग से कैसे पहुँचाया जाए। उन्होंने कहा कि अखिल भारत हिंदू महासभा भारत की प्रथम राष्ट्रवादी राजनीतिक संगठनात्मक धारा है, जिसकी स्थापना वर्ष 1915 में भारत रत्न पंडित मदन मोहन मालवीय जी सहित अनेक राष्ट्रनायकों के मार्गदर्शन में हुई थी। हिंदू महासभा का गौरवशाली इतिहास राष्ट्र, सनातन संस्कृति एवं हिंदू समाज की रक्षा के संघर्षों से जुड़ा रहा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष परम पूज्य स्वामी चक्रपाणि जी महाराज ने अनेक ऐतिहासिक एवं राष्ट्रहित से जुड़े कार्यों का नेतृत्व किया है। श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या विवाद प्रकरण में वर्ष 2006 से इलाहाबाद उच्च न्यायालय में तथा तत्पश्चात सर्वोच्च न्यायालय में भी परम पूज्य स्वामी चक्रपाणि जी महाराज प्रमुख पक्षकार के रूप में जुड़े रहे। सर्वोच्च न्यायालय में उनकी अपील संख्या 2636 रही तथा उन्होंने हिंदुओं के पक्ष में न्यायिक संघर्ष को मजबूती प्रदान करते हुए श्रीराम जन्मभूमि प्रकरण में विजय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संगठन को नवीन स्वरूप एवं नई दिशा प्रदान करने हेतु राष्ट्रीय अध्यक्ष परम पूज्य स्वामी चक्रपाणि जी महाराज ने राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. इंदिरा तिवारी के नेतृत्व में 6 सदस्यीय विशेष समिति की घोषणा की है। इस समिति में मनोज अलुंगल, अनुपम मिश्रा, राजकुमार सिंह, पवन कुमार पुनिया, नरेंद्र सैनी एवं जग विजय सिंह लोधी को सम्मिलित किया गया है। यह समिति संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान एवं नवीन गठन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। डॉ.इंदिरा तिवारी जी ने कहा कि संगठन समय-समय पर पुनर्गठन की प्रक्रिया अपनाता रहा है, जिससे पुराने एवं नए कार्यकर्ताओं के समन्वय से संगठन को नई शक्ति, नई सोच एवं व्यापक जनसमर्थन प्राप्त हो सके।अखिल भारत हिंदू महासभा ने स्पष्ट किया है कि नवीन संगठनात्मक ढाँचे का गठन पूर्णतः पारदर्शी, अनुशासित एवं संगठन हित को सर्वोपरि रखते हुए किया जाएगा।
बिहार, उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा एवं हिमाचल प्रदेश हिंदू महासभा की प्रदेश समितियाँ तत्काल प्रभाव से भंग: डॉ.इंदिरा तिवारी, राष्ट्रीय महामंत्री
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May 07, 2026
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