मुंगेरी लाल के हसीन सपने साबित हो रहे है शहर के कई प्रोजेक्टस

AYUSH ANTIMA
By -
0

बीकानेर: चाहे सरकार की घोषणा हो या जिला प्रशासन की बैठकों की। अगर उनकी क्रियान्वित समय पर हो जाए तो न तो जनता की नाराजगी झेलनी पड़े और न ही विकास के रथ का पहिया रूके, पर कहते है कि बातें है बातों का क्या। जी हां, कुछ ऐसा ही बीकानेर की जनता के साथ होता है। यहां से चुनाव लडऩे वाले नेता तथा चुनाव लड़ चुके नेता। मंत्री अथवा जिम्मेदारी के पद पर बैठने के बाद उन घोषणाओं को अमीलीजामा पहनाने में लापरवाही बरतते है, जिसका खामियाजा आमजन को ही भोगना पड़ता है। बीकानेर के ऐसे कई प्रोजेक्टस है, जो मुंगेरी लाल के हसीन सपनों से कम नहीं है। 

*खिलाडिय़ों के लिये महज सपना ही है खेल गांव*

विगत पांच साल पहले तत्कालीन नगर विकास न्यास के अध्यक्ष जिला कलक्टर नमित मेहता की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय किया गया था कि खेलों को बढ़ावा देने के लिए नगर निकास न्यास द्वारा बीकानेर में खेल गांव का निर्माण करवाया जाएगा। इसमें सभी प्रकार के खेलों की गतिविधियां हो सकेंगी। युवाओं के लिए सुविधाओं वाला खेल गांव और मल्टी पर्पज स्टेडियम बनाने का निर्णय लिया गया। इसके लिए कि समीदेसर या जोड़बीड़ में संभावनाएं तलाशी जाने की बातें होनी लगी। नगर विकास न्यास तो बीकानेर विकास प्राधिकरण के रूप में पदोन्नत हो गया, परन्तु खिलाडिय़ों के खेल गांव का सपना अब भी सपना बना हुआ है। इतना ही नहीं नाइट टूरिज्म को बढ़ावा देने की योजना भी खटाई में पड़ गई। 

*ये योजनाएं आज भी जो रही है बाट*

मेहता की ओर से न्यास ट्रस्ट की बैठक में लिये गये निर्णयों को आगे गति तक नहीं मिली। हालांकि विकास प्राधिकरण पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने अपने अपने स्तर पर खूब वाहीवाही लूटी, किन्तु ट्रस्ट की मिटिंग में लिये गये फैसलों को जमीनी हकीकत नहीं दिला पाए। अधिवक्ताओं, चिकित्सकों, चार्टेड एकाउटेंट्स आदि प्रोफेशनल्स व्यक्तियों के लिए अलग से कॉलोनी विकसित करने, बीकानेर में मिनी फूड पार्क की स्थापना, शोभासर और बीछवाल में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के जलाशय के आसपास के क्षेत्र को पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित किये जाएंगे। मेजर पूर्ण सिंह सर्किल से म्यूजियम सर्किल होते हुए हल्दीराम प्याऊ तक तथा पूगल फांटा से आरओबी तक की रोड को फोरलेन से सिक्स लेन किए जाने की योजना, सार्दुलगंज योजना में सी ब्लॉक के पास ट्रेफिक पार्क विकसित करना, अवैध डेयरियों की समस्या के लिए गोपालन नगर की स्थापना, विभिन्न सर्किलों को रोड सेफ्टी के मानकों के मद्देनजर सर्किलों की डिजायन का पुनर्गठन जैसी अनेक योजनाएं है, जो आज बीडीए की फाइलों में भोलाराम का जीव बनी हुई है। 

*2024 में बीकानेर विकास प्राधिकरण बना*

भाजपा सरकार आने के बाद 2024 में नगर विकास न्यास को बीकानेर विकास प्राधिकरण का दर्जा मिला। इसके बाद बोर्ड की महज तीन बैठकें पिछले दो वित्तिय वर्ष में हुई है। इसमें 9 मार्च 2026 को तत्कालीन अध्यक्ष नम्रता वृष्णि की अध्यक्षता में बीकानेर विकास प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में शहर के विकास का करोड़ों रूपये का रोडमैप और मास्टर प्लान का अनुमोदन किया गया। 21 जनवरी 2026 की बोर्ड बैठक में कुल 18 प्रस्तावों का अनुमोदन किया गया, जिसमें इनमें आवासीय समेत तीन नई योजनाओं, जयनारायण व्यास कॉलोनी व सादुलगंज को निगम को सौंपने, जोड़बीड़ योजना में विभिन्न विकास कार्यों, विभिन्न सार्वजनिक भवनों के किराए में बढ़ोतरी, योजनाओं में आरक्षित दरों को संशोधित, निगम व प्राधिकरण के क्षेत्राधिकार के विभाजन एवं अनुकंपा नियुक्ति के साथ-साथ विभिन्न प्रस्तावों का अनुमोदन, टाउन हॉल, रवीन्द्र रंगमंच, अम्बेडकर भवन आदि के किराया दरों में भारी बढ़ोतरी, राजाशाही पट्टे व खांचा भूमि अब निगम के दायरे में पत्थर मंडी से लगते बाईपास रोड़ व घड़सीसर रोड के मध्य प्राधिकरण की भूमि पर वेयर हाउस योजना का अनुमोदन, नाल बड़ी में नाल हवाई अड्डे के समीप जैसलमेर-गंगानगर बाईपास रोड पर प्राधिकरण के स्वामित्व की करीब 10 हेक्टेयर भूमि पर इंटीग्रेटेड टाउनशिप योजना का अनुमोदन जैसे अहम फैसले लिए गए। 27 अप्रैल 2026 नगरीय विकास विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में प्राधिकरण की विशेष समीक्षा बैठक हुई।

Post a Comment

0Comments

Post a Comment (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!