एक मारवाड़ी कहावत आपकी मां नं डाकण कुण बतावे वाली कहावत राजस्थान भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ के वक्तव्य पर फिट बैठती है, जिसमें उन्होंने सहकारिता मंत्री गौतम दक को क्लीन चिट दे दी। उन्होंने कहा कि दक मेरे साथ विधायक रह चुके हैं और उनका व्यवहार कभी ऐसा नहीं देखा कि उन्होंने अभद्र भाषा का प्रयोग किया हो। इस विषय में मेरी मंत्री दक से फोन पर बात हुई है, जिसमें उन्होंने इस बात से साफ इन्कार किया है कि उन्होंने पुलिसकर्मियों से गाली गलौज की भाषा मे बात की, जैसा कि एक विडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। राठौड़ ने मंत्री दक के बचाव में कहा कि वे दक को व्यक्तिगत रूप से जानते है और ऐसा नहीं लगता कि वे ऐसे अपशब्दों का प्रयोग करेगे। राठौड़ ने कहा कि किसी बात को लेकर नाराजगी हो सकती है, इसको लेकर किसी की खिंचाई की गई हो, यह संभव हो सकता है लेकिन पूरा मामला कितना मनगढंत और सच्चा है, इसकी जांच होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उनके बयानों को लेकर किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो दक माफी मांगने को तैयार हैं। अब यदि मदन राठौड़ के बयान को देखें तो अपने आप में विरोधाभासी भी है। एक तरफ मंत्री दक को क्लीन चिट दे रहे है तो दूसरी तरफ यह कह रहे हैं कि मंत्री के बयान से किसी की भावनाएं आहत हुई है तो वे माफी मांगने को तैयार हैं। अब सवाल यह उठता है कि जब मंत्री ने ग़लत बोला ही नहीं तो माफी क्यों मांगी जा रही है।
दरअसल सहकारिता मंत्री गौतम दक के खिलाफ डूंगला थाने मे पुलिसकर्मियों के साथ कथित गाली गलौज, धमकी और राज कार्य में बांधा पहुंचाने के आरोपों को लेकर मामला दर्ज हुआ है। दक का करीब तीन मिनट का आडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने 17 बार आपत्तिजनक गालियो का प्रयोग किया गया है। आयुष अंतिमा (हिन्दी समाचार पत्र) इस विडियो की सच्चाई की पुष्टि नहीं करता क्योंकि यह जांच का विषय है। जांच से पहले ही मदन राठौड़ का सहकारिता मंत्री को क्लीन चिट देना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय है।