झुंझुनूं (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): भारतीय किसान संघ, झुंझुनूं के ज़िलाध्यक्ष डॉ.पवन चौधरी के नेतृत्व में शुक्रवार को इंदिरा नगर स्थित आहुति भवन में मासिक बैठक आयोजित की गई। डॉ.चौधरी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में किसानों के ज्वलंत मुद्दों पर गंभीर मंथन हुआ और प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर आर-पार की लड़ाई का संकेत दिया गया। प्रांतीय नेता मोती सिंह बैठक में विशेष रूप से उपस्थित रहे।
*डॉ.पवन चौधरी ने दिलाया भरोसा: हर किसान की लड़ाई लड़ेगा भारतीय किसान संघ*
बैठक का शुभारंभ संगठनात्मक परंपरा से ध्वजारोहण व दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद डॉ.पवन चौधरी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, "भारतीय किसान संघ झुंझुनूं का एक-एक कार्यकर्ता किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। फसल का सही दाम हो, सिंचाई का पानी हो या बिजली —हम हर मोर्चे पर किसानों की आवाज़ को मजबूती से उठाते रहेंगे।" उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन अब केवल बैठकों तक सीमित नहीं रहेगा। "अगर प्रशासन ने हमारी मांगों पर तुरंत कार्रवाई नहीं की तो किसान सड़कों पर उतरने को मजबूर होगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। डॉ.पवन चौधरी के नेतृत्व में बैठक में जिले के किसानों की प्रमुख समस्याओं पर चर्चा हुई, जिनमें 2022-23 की रबी की फसल का मुआवज़ा अभी भी 18000 किसानों का बाक़ी है, वो तुरंत दिया जाए।
* फसलों का उचित मूल्य: मंडियों में MSP पर खरीद सुनिश्चित नहीं होना, हर खेत को रास्ता अविलंब सुनिश्चित करें।
* सिंचाई संकट: नहरों से हर खेत को सिंचाई का पानी।
* बिजली कटौती: कृषि कनेक्शनों पर 8 घंटे आपूर्ति का वादा भी पूरा नहीं।
* बीमा क्लेम: पिछले सीजन के खराबे का मुआवजा अब तक अटका हुआ।
* खाद-बीज: बुवाई सीजन में काला बाजारी और नकली बीज की शिकायतें, व समय पर आपूर्ति सुनिश्चित हो।
डॉ.चौधरी ने तहसील अध्यक्षों से फीडबैक लेकर हर ब्लॉक की रिपोर्ट तैयार करवाई और कहा कि अब हर समस्या का डेटा के साथ समाधान मांगा जाएगा।
*डॉ.चौधरी के निर्देश: कलेक्टर को आज ही सौंपो ज्ञापन*
बैठक में डॉ.पवन चौधरी ने कार्ययोजना रखते हुए निर्णय लिया कि सभी मांगों को लेकर आज ही जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा। उन्होंने कहा, "ज्ञापन केवल कागजी कार्रवाई नहीं है। 15 दिन में समाधान नहीं हुआ तो जिला मुख्यालय पर बड़ा प्रदर्शन होगा।" प्रांतीय नेता मोती सिंह ने भी डॉ.चौधरी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि जब तक जिला स्तर पर ऐसा मजबूत नेतृत्व है, किसान का हक कोई नहीं मार सकता। उन्होंने गांव-गांव तक संगठन विस्तार में डॉ.चौधरी की टीम को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
*आगे की रणनीति का ऐलान*
डॉ.पवन चौधरी ने बताया कि बैठक में अगले 3 महीने का रोडमैप तैयार किया गया है, जिसमें जून में सभी तहसीलों में किसान चौपाल और किसान जागरूकता अभियान, बिजली-पानी के मुद्दे पर SDM कार्यालयों पर प्रदर्शन, फसल बीमा व MSP को लेकर जिला स्तरीय किसान महापंचायत।
*ये रहे मौजूद*
बैठक में संभाग उपाध्यक्ष बलबीर सिंह चुड़ैला, संभाग मंत्री मोती सिंह, जिला उपाध्यक्ष सुभाष सांई पंवार, पवन भालोठिया, जिला मंत्री गुगनराम, सुमेर सिंह पाटोदा सहित जिला कार्यकारिणी उपस्थित रही। तहसील स्तर से बिसाऊ के सुरेश चौधरी, महावीर सिंह चाहर, सूरजगढ़ के बानबीर सिंह, नवलगढ़ तहसील अध्यक्ष अमरचंद ढाका, मातादीन भार्गव, पिलानी के मोहर सिंह बलवदा, गुढ़ा गोरजी के बाल गंगाधर बराला, बुहाना के रघुवीर सिंह समेत बड़ी संख्या में किसानों ने डॉ.चौधरी के नेतृत्व पर भरोसा जताया। बैठक के अंत में डॉ.पवन चौधरी ने सभी कार्यकर्ताओं का आभार जताया और कहा कि "अब संघ का हर कार्यकर्ता एक किसान का वकील है। हम रुकेंगे नहीं, झुकेंगे नहीं।"