अदालत का बड़ा फैसला: तहसीलदार, पटवारी और रीडर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के दिए आदेश

AYUSH ANTIMA
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​निवाई (लालचंद माली): निवाई न्यायालय ने एक परिवाद पर सुनवाई करते हुए राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध गंभीर रुख अपनाया है। न्यायालय ने तहसील कार्यालय के तहसीलदार, उप-पंजीयक, रीडर और पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार या पद के दुरुपयोग से जुड़े आरोपों के मद्देनजर मामला दर्ज कर जांच करने के आदेश दिए हैं।
*​बीएनएसएस की धारा 175 (3) के तहत कार्रवाई*
​न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए परिवाद पत्र को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस ), 2023 की धारा 175 (3) के तहत पुलिस थाना निवाई को भेजने का निर्देश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि प्रथम दृष्टया प्रकरण में अनुसंधान करवाया जाना उचित प्रतीत होता है।
*​जांच के लिए विशेष निर्देश: उपाधीक्षक स्तर के अधिकारी करेंगे जांच*
​चूंकि इस प्रकरण में तहसीलदार जैसे राजपत्रित अधिकारी और तहसील कार्यालय के स्टाफ के विरुद्ध आक्षेप लगाए गए हैं, इसलिए न्यायालय ने जांच की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए कड़े निर्देश दिए हैं।
​थानाधिकारी निवाई को निर्देश दिया गया है कि वे नियमानुसार तुरंत प्रकरण दर्ज करें। ​मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच यथासंभव पुलिस उपाधीक्षक या उससे उच्च रैंक के अधिकारी से ही करवाई जाए। ​अनुसंधान के पश्चात परिणामी रिपोर्ट जल्द से जल्द न्यायालय के समक्ष पेश की जाए।
*​तत्काल कार्रवाई के आदेश*
​अदालत ने निर्देश दिया है कि आदेश की प्रति के साथ मूल परिवाद अविलंब निवाई थाने को भेजा जाए, ताकि कानूनी प्रक्रिया में देरी न हो। परिवाद की एक प्रति रिकॉर्ड के लिए न्यायालय में सुरक्षित रखी गई है।
*​क्या है मामला*

परिवादी के अनुसार उसने खसरा संख्या 2914 में से 22 बिस्वा भूमि रामवतार पुत्र सूरजमल सैनी व गोपाल पुत्र ग्यारसी लाल माली को दो लाख रुपये में बेचान की थी, बेचान पत्र को पंजीयन भी करवा दिया गया था। परिवादी के जाने के बाद इन दोनों ने अजयराज माली व यूडीसी रीडर पंजीयक दिनेश जाट से मिलीभगत कर षडयंत्र पूर्वक कूट रचना करके खसरा संख्या 2619, 2903, 2905, 2909, 2911, 2913, 2899 और जोड़ दिए गए, जिसमें परिवादी के फर्जी हस्ताक्षर बना दिए गए, जिसकी डीएलसी कीमत 57 लाख रुपए हैं। खसरा संख्या 2619 में प्रार्थीगण के वर्षों पूर्व के मकान बने हुए हैं, जिसका नक्शा मौका तक नहीं देखा गया, इसके साथ ही एक ही विक्रय पत्र के दो-दो नामांतरण खोले गए हैं, जिसमें भिन्नता पाई गई है।
*इनके खिलाफ होगा मुकदमा दर्ज*
राम अवतार सैनी पुत्र सूरजमल माली, गोपाल पुत्र ग्यारसी लाल माली, अजयराज पुत्र रमेश चंद माली, जगदीश पुत्र गोपाल सैनी, तहसीलदार नरेश गुर्जर, उप पंजीयक रीडर दिनेश जाट, कस्बा पटवारी जीतराम चौधरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के न्यायालय ने आदेश दिए हैं।

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