रानीवाड़ा/जालौर (मदन माहेश्वरी): जिले के वन क्षेत्र रानीवाड़ा में 1 मई की शाम 5 बजे से वन्यजीव गणना का कार्य शुरू किया गया, जो 2 मई शाम 5 बजे तक लगातार 24 घंटे चला। यह गणना जिला वन अधिकारी जयदेव सिंह चारण के निर्देशन में संपन्न हुई।प्रदेशभर में चल रही इस प्रक्रिया के तहत रानीवाड़ा क्षेत्र में भी पहली बार गर्मी के मद्देनजर गणना का समय सुबह के बजाय शाम से निर्धारित किया गया। क्षेत्रीय वन अधिकारी मनोहर खां के नेतृत्व में वनकर्मियों ने पानी के स्रोतों (वॉटर प्वाइंट) के पास मचान बनाकर 24 घंटे सतत निगरानी की। गर्मी के मौसम में वन्यजीव पानी पीने इन स्थानों पर अवश्य पहुंचते हैं, जिससे उनकी सटीक गणना संभव हो पाती है। जालोर वन क्षेत्र के रानीवाड़ा नाका व सुंधा माता क्षेत्र में प्रमुख रूप से चिंकारा, नीलगाय, भेड़िया, सियार, लोमड़ी, मोर, जंगली सूअर, खरगोश सहित विभिन्न वन्यजीवों की गणना की गई। गणना कार्य में डीएफओ कार्यालय की टीम, रेंज ऑफिसर, फॉरेस्ट गार्ड एवं स्थानीय स्वयंसेवक सभी वाटर होल पर तैनात रहे। 24 घंटे तक एकत्रित किए गए आंकड़ों के आधार पर अब विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इस दौरान वन अधिकारी महिपाल सिंह सेवाड़ा, संजय जोशी, मुकेश विश्नोई, दिनेश कुमार, महिपाल सिंह मंडलावत, हडमत सिंह, नानजी राम चौधरी, वन मित्र शांति लाल, राजू सिंह, हुकमाराम सहित अन्य कार्मिकों ने पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाई। वन विभाग द्वारा इस तरह की गणना से क्षेत्र में वन्यजीवों की वास्तविक स्थिति का आंकलन करने में सहायता मिलती है, जिससे संरक्षण एवं प्रबंधन की योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
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