झुंझुनूं में 'श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ' का भव्य आयोजन

AYUSH ANTIMA
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झुंझुनूं (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): आध्यात्मिक नगरी झुंझुनूं में इन दिनों भक्ति और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। स्मृति शेष श्रीमती सुवादेवी एवं श्री डूंगरमल जी पाटोदिया के पावन स्मरण में आयोजित सात दिवसीय 'श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ' का चतुर्थ दिन अत्यंत मनोहारी और भक्तिपूर्ण रहा। कथा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने पूरे वातावरण को भक्तिमय कर दिया है। कथा व्यास के ओजस्वी प्रवचन कथा के चतुर्थ दिन प्रख्यात कथा व्यास श्री दुर्गादत्त व्यास (बीकानेर) ने अपने ओजस्वी मुखारविन्द से श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराया। उन्होंने भगवान विष्णु के विभिन्न अवतारों और लीलाओं पर प्रकाश डालते हुए भारतीय संस्कृति के आधार स्तंभों का विस्तार से वर्णन किया ।

* नृसिंह अवतार: भगवान विष्णु का चौथा अवतार, जो असुरराज हिरण्यकश्यप के अत्याचारों का अंत करने हेतु 'स्तंभ' से प्रकट हुए। उन्होंने गोधूलि बेला में, देहली पर बैठकर अपने नाखूनों से हिरण्यकश्यप का वध कर भक्त प्रह्लाद की रक्षा की
* समुद्र मंथन: देव-असुर संग्राम की यह ऐतिहासिक घटना अमृत प्राप्ति के लिए हुई। भगवान विष्णु ने 'मोहिनी' रूप धारण कर देवताओं को अमृत पिलाया, जबकि भगवान शिव ने विष पीकर सृष्टि की रक्षा की
* श्रीरामचरित्र: त्रेतायुग के मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का जीवन हमें त्याग, धैर्य और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उनके आदर्श पुत्र, भाई और राजा के रूप में किए गए कार्य युगों-युगों तक मार्गदर्शक रहेंगे।
* कृष्ण जन्मोत्सव: द्वापर युग में मथुरा के कारागार में अवतरित भगवान श्रीकृष्ण का जीवन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। आज भी भक्त 'माखन-मिश्री' का भोग लगाकर उनके जन्म का उत्सव धूमधाम से मनाते हैं। कृष्ण जन्मोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त जन उमड़ पड़े।

*पाटोदिया परिवार का समर्पण*
इस पुनीत आयोजन को सफल बनाने में श्रीमती सुशीला देवी एवं जुगल किशोर पाटोदिया के कुशल मार्गदर्शन में संपूर्ण पाटोदिया परिवार तन-मन-धन से जुटा हुआ है। भक्ति महोत्सव में अनेक गणमान्य नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिनमें विनोद पोद्दार (नेपाल), विकास भूत (सूरत), शशांक अग्रवाल (रतलाम), मुकेश रुंगटा (जयपुर), सुमित जालान (भीलवाड़ा), सुमित गाड़िया (मुंबई), शंभू दयाल मून (उदयपुरवाटी), विनोद गाड़िया (गुढा), विनोद सराफ (मुकुंदगढ), गणेश हलवाई, कैलाश चंद्र सिंघानिया, रघुनाथ प्रसाद पोद्दार, नारायण जालान, शिवचरण हलवाई, सुरेंद्र हलवाई, राजेश ढेड़िया, विशाल ढेड़िया, विकास ढेड़िया, हरीश जगनानी, रितेश सिंघानिया, अनूप टीबड़ा, अभिषेक मुरारका, अनिल सैनी, संदीप ढेड़िया, रविकांत टीबड़ा, विपुल हलवाई, आनंद मोदी, नरेंद्र मोदी, महेंद्र चंदवा, राजकुमार सिंघानिया, विनोद टीबड़ा, सुशील टिबड़ा, विकास शर्मा, प्रमोद खंडेलिया, मातादीन टीबड़ा, संजय नांगलिया सहित शहर के अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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