कोटपूतली: शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में कोटपूतली के लिए गौरव का क्षण तब आया जब राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर ने शोधार्थी कोमल शर्मा को पीएचडी की उपाधि प्रदान की। उन्हें यह उपाधि "एनवायरनमेंटल फैक्टर्स एंड देयर इम्पैक्ट ऑन डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ एल्गल फ्लोरा ऑफ केवलादेव नेशनल पार्क, भरतपुर, राजस्थान" विषय पर किए गए महत्वपूर्ण शोध कार्य के लिए प्रदान की गई है। उनका यह शोध केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान की जलीय जैव विविधता तथा पर्यावरणीय कारकों के प्रभाव पर आधारित है। शोध में विभिन्न पर्यावरणीय परिस्थितियों का शैवाल (एल्गल फ्लोरा) के वितरण एवं विकास पर पड़ने वाले प्रभावों का वैज्ञानिक अध्ययन किया गया है। यह शोध भविष्य में पर्यावरण संरक्षण, आर्द्रभूमि प्रबंधन तथा जैव विविधता संरक्षण की दिशा में उपयोगी सिद्ध होगा। उन्होंने अपना शोध कार्य राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर के विद्वान शिक्षाविद् डॉ.विनय कुमार मीणा के कुशल निर्देशन में पूर्ण किया। पीएचडी उपाधि प्राप्त होने पर शिक्षण, शोध एवं स्काउट-गाइड क्षेत्र से जुड़े अनेक शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा शुभचिंतकों ने डॉ.कोमल शर्मा को बधाई देते हुए इसे क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया। सभी ने विश्वास व्यक्त किया कि उनकी यह उपलब्धि युवा शोधार्थियों को उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
डॉ.कोमल शर्मा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने शोध निर्देशक डॉ.विनय कुमार मीणा, परिवारजनों, सहयोगियों एवं विश्वविद्यालय के शिक्षकों को देते हुए कहा कि निरंतर परिश्रम, मार्गदर्शन और सकारात्मक सोच से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।