नवलगढ़ के परसुरामपुरा में स्थित राजीव गांधी खेल स्टेडियम को लेकर प्रशासन ने माननीय हाईकोर्ट के आदेश की परिपालना करते हुए बुलडोजर से जमींदोज कर दिया। अवैध अतिक्रमण और नदी बहाव क्षेत्र में निर्माण होने के कारण स्टेडियम की दीवार और ढांचे को ढहा दिया गया, जिसका भारी विरोध होने पर पूर्व मंत्री डॉ.राजकुमार शर्मा सहित करीब 200 लोगों को हिरासत में लिया गया। विदित हो राजस्थान हाईकोर्ट में दायर एक जनहित याचिका में आरोप लगाया गया था कि परसुरामपुरा के पास नदी के बहाव क्षेत्र में अवैध निर्माण हुआ है। कोर्ट ने वर्ष 1947 की राजस्व स्थिति के बहाल के आदेश पारित किए थे। जिला प्रशासन और नवलगढ़ तहसील न्यायालय की जांच मे स्टेडियम की 705 मीटर लंबी दीवार व 684 वर्ग मीटर भूमि पर अतिक्रमण माना। कार्यवाही के विरोध में पूर्व मंत्री राजकुमार शर्मा और उनके समर्थकों ने इसका विरोध किया व धरना दिया, तनाव पूर्ण स्थिति को देखते हुए उन्हें हिरासत में लिया गया। इसको लेकर राजस्थान का राजनीतिक माहोल गरमा गया। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह ने इस कार्यवाही को राजनीतिक द्वेष से प्रेरित और युवाओं के सपनो पर कुठाराघात बताया है। हिरासत में लेने से पहले पूर्व मंत्री ने एक प्रेस वार्ता में अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की। उन्होंने कहा कि यह स्टेडियम उनके कार्यकाल में युवाओं की परेशानी के मध्यनजर निर्माण करवाया था। स्टेडियम की 705 मीटर लंबी दीवार और पानी की टंकी के पास वाला हिस्सा ध्वस्त कर दिया गया। जनहित को देखते हुए जलदाय विभाग के नलकूप और पीडब्ल्यूडी की सड़क को फिलहाल नहीं हटाया गया। इस प्रकरण को लेकर माननीय न्याय पालिका की कार्यवाही उचित है, उस पर किसी प्रकार का प्रश्न चिन्ह नहीं है लेकिन इस प्रकरण के बाद सोशल मीडिया पर ट्रेंड व आमजन में चर्चा हो रही है, उसका पोस्टमार्टम करना जरुरी हो जाता है। यदि राजनीतिक दृष्टि से देखें तो जिले में कांग्रेस की एकजुटता का अभाव देखने को मिला। जिले में कांग्रेस के चार विधायक व सांसद होने के बावजूद डॉ.राजकुमार शर्मा के साथ एक भी नेता खड़ा नहीं दिखाई दिया। यहां तक कि प्रदेश स्तर पर भी प्रकरण के चौबीस घंटे बाद नेताओ की प्रतिक्रिया देखने को मिली। कांग्रेस के इस रवैये ने यह सिद्ध कर दिया कि पूर्व मंत्री ने निजी तौर पर अतिक्रमण कर रखा है, जबकि इसका निर्माण कांग्रेस शासन में करीब दस करोड़ रूपये की लागत से हुआ था व कांग्रेस माननीय कोर्ट में प्रभावी ढंग से अपना पक्ष रखने में नाकाम रही। स्थानीय प्रशासन की इस दलील कि जलदाय विभाग की टंकी, नलकूप व पीडब्ल्यूडी की सड़क को जनहित को देखते हुए अतिक्रमण नहीं माना। इसको लेकर आम चर्चा है कि क्या राजीव गांधी खेल स्टेडियम जनहित की श्रेणी में नहीं आता, क्या यह स्टेडियम डॉ.राजकुमार शर्मा की निजी संपत्ति है। निश्चित रूप से इस प्रकरण में कहीं न कहीं कांग्रेस की नाकामी व गुटबंदी उजागर होने के साथ ही नवलगढ़ क्षेत्र के युवाओं के सपनो को जमींदोज किया है। आने वाला समय इस प्रकरण को लेकर क्या गुल खिलाएगा, यह भविष्य की गर्त में छिपा प्रश्न है।
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