बीकानेर: भ्रष्टाचार मुक्त सरकार के दावे के बीच सार्वजनिक निर्माण विभाग में वार्षिक बजट में 3054 की अनियमितता के मामले की शिकायत मुख्य सचिव सानिवि को की गई है। इसको लेकर भाजपा के एक पूर्व मंडल अध्यक्ष जेपी व्यास की ओर से शिकायत में सवाल उठाए गये है कि आखिर 2024-25 और 2025 से अब तक इस बजट का किसी वीआईपी विजिट में उपयोग किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि यह बजट उन कार्यों के लिये प्रस्तावित होता है, जिसमें कोई वीआईपी विजिट होती है या फिर उन कार्यों के लिये होता है, जिसमें अति आवश्यक कार्य करवाएं जावें। अधिकारियों ने इस मद से उन सड़कों पर कार्य करवा दिए, जो अभी डीएलपी समयावधि में है। सानिवि नगर खंड के अधिकारियों व कार्यकारी एजेन्सियों के साथ सांठगांठ कर अब अपनी एसडी रिलिज करवाने के प्रयास में है।
*क्या होता है डीएलपी*
आम तौर पर दोष दायित्व अवधि (या 'डीएलपी') व्यावहारिक पूर्णता की तारीख से शुरू होने वाली एक निश्चित समयावधि है, जिसके दौरान ठेकेदार को दोषों को ठीक करने के लिए साइट पर वापस जाने का स्पष्ट संविदात्मक अधिकार होता है। सानिवि में किसी भी कार्य के लिये निविदा मिलने के बाद कार्य शुरू करने से पांच वर्ष तक उस निर्माण कार्य की सार संभाल की जिम्मेदारी कार्यकारी एजेन्सी की होती है। इस दौरान किसी प्रकार की टूट फूट, सीलन जैसी समस्या हो तो उसे कार्यकारी एजेन्सी को ठीक करना पड़ता है। ऐसा न करने की स्थिति में कार्यकारी एजेन्सी की धरोहर राशि जब्त कर ली जाती है।
*ये सड़के डीएलपी मद मेें, फिर लगा कहां रूपया*
व्यास का आरोप है कि जहां शहर के अनेक इलाकों में विधायक जेठानंद व्यास ने 35 करोड़ के सड़कों का निर्माण करवाया है तो वहीं कांग्रेस के कार्यकाल में चौखूंटी पुल से जस्सूसर गेट होते हुए एमएम ग्राउंड, सादुल सिंह सर्किल से मोहता चौक, जूनागढ़ से जस्सूसर गेट, डूडी पेट्रोल पंप से नत्थूसर गेट तक, गोकुल सर्किल से मुरलीधर व्यास कॉलोनी, एमएम ग्रांउड से नत्थूसर बास, मुरलीधर से करमीसर रोड, गंगाशहर की अनेक सड़के शामिल है, जो डीएलपी मद से निर्मित है किन्तु ये सभी सड़के क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिसके रखरखाव का जिम्मा कार्यकारी एजेन्सी का है लेकिन विभागीय उदासीनता के चलते किसी भी कार्यकारी एजेन्सी को नोटिस जारी नहीं किया गया है।
*करोड़ों के घालमेल की आशंका*
पता चला है कि 3054 मद में प्रतिवर्ष एक करोड़ रूपये का मद वीआईपी विजिट व डीएलपी के लिये आता है किन्तु 2023 से अब तक ऐसी कोई बड़ी वीआईपी विजिट नहीं हुई है, जिसमें इस प्रकार के मद से सड़कों का निर्माण कार्य हो सके। आरोप है कि इन तीन सालों की राशि को खुर्द बुर्द करने की कोशिश विभाग के अधिकारियों के द्वारा कार्यकारी एजेन्सियों के साथ मिलकर की जा रही है, जो भ्रष्टाचार की ओर इंगित करती है। जब विभाग के अधिकारियों से इस बारे में जानकारी चाही तो वे स्पष्ट जबाब देने से बचते रहे।
*ये मांगी जानकारी*
व्यास ने मुख्य सचिव को भेजे पत्र में 2024 से 2026 तक शहर में हुई वीआईपी विजिट की जानकारी उपलब्ध करवाने, 3054 मद में किन किन क्षेत्रों में पेच वर्क किये गये है, उनका विवरण देने, डीएलपी मद में कार्य होने वाली क्षतिग्रस्त सड़कों को पुन: ठीक नहीं करने वाली एजेन्सियों को नोटिस जारी किया है, उनकी सूचना देने की बात कही है। साथ ही समयावधि में क्षतिग्रस्त सड़कों का कार्य नहीं करने वाली कार्यकारी एजेन्सियों की एफडी रोकने की मांग की है।
*अब तक नहीं भरे गढ्ढे*
हालात यह है कि विधानसभा चुनाव के समय पीएम मोदी के आगमन पर जूनागढ़ से गोकुल सर्किल तक सड़क के दोनों किनारों पर बल्लियां लगाई गई थी। उसके लिये गढ्ढे खोदे गये थे लेकिन आज दिनांक तक भी उन गढ्ढों को नहीं भरा जा सका। इतना ही नहीं टेक्नो कंपनी की ओर से भी क्षतिग्रस्त की गई सड़कों का नवीनीकरण नहीं करवाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि टेक्नो कंपनी ने सानिवि, निगम व बीडीए को इसकी राशि भी जमा करवा रखी है। ऐसे में यह स्पष्ट है कि 3054 के मद का घालमेल होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।