आरएसएस के झुंझुनूं नगर शाखा महाकुंभ 2026 में 800 के करीब स्वयंसेवकों ने लिया हिस्सा

AYUSH ANTIMA
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झुंझुनूं (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की झुंझुनूं नगर इकाई की ओर से रविवार को स्वर्ण जयंती स्टेडियम में शाखा महाकुंभ 2026 का आयोजन किया गया। महाकुंभ में शाखा गतिविधियों के साथ सामाजिक समरसता, परिवार में संस्कार, सनातन संस्कृति और राष्ट्रीय चेतना का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में पहले करीब एक घंटे तक शाखा की विभिन्न गतिविधियों का संचालन किया गया। कार्यक्रम मे दादूद्वारा बगड़ के महामंडलेश्वर डॉ.अर्जुनदास महाराज का सानिध्य रहा तथा मुख्य अतिथि प्रमुख व्यवसायी सुरेंद्र बंका रहे। इस दौरान जिला संघ चालक मानसिंह, नगर संघ चालक अनूप गाडिया भी मौजूद रहे। अपने संबोधन में मुकेश कुमार ने कहा कि संघ की सौ वर्षों की साधना में देश ने कई ऐसे कार्य पूरे किए हैं, जो कभी असंभव माने जाते थे। उन्होंने कहा कि धारा 370 हटाने से लेकर भगवान श्रीराम मंदिर निर्माण और भारत की अंतरिक्ष व सुरक्षा शक्ति तक, आज भारत दुनिया में मजबूती के साथ उभर रहा है। उन्होंने कहा कि आज भारत बब्बर शेर की तरह दहाड़ता है और देश पर बुरी नजर डालने वालों को उनके घर में घुसकर जवाब देने का सामर्थ्य रखता है। उन्होंने कहा कि इतनी उपलब्धियों के बावजूद समाज के सामने अभी भी जातिवाद जैसी बड़ी चुनौती खड़ी है। उन्होंने कहा कि धर्म से ऊंची जाति नहीं होती। यदि सनातन धर्म ही नहीं बचेगा तो जाति का क्या करेंगे। उन्होंने सभी से जातिवाद छोड़कर हिंदू-हिंदू भाई-भाई के भाव से समाज को जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सभी सनातनी भाई हैं और सभी को प्रेम व आत्मीयता के साथ जोड़ना होगा। परिवार व्यवस्था और संस्कारों पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि आज परिवार छोटे होते जा रहे हैं और संस्कारों का अभाव बढ़ रहा है। तलाक जैसी समस्याएं भी तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि परिवारों में रोज एक साथ बैठकर भोजन करना, भगवान का भजन-वंदन करना और मोबाइल फोन को कुछ समय के लिए दूर रखकर परिवार के साथ धर्म, संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों पर चर्चा करनी चाहिए। इससे नई पीढ़ी में भारतीय संस्कृति के संस्कार मजबूत होंगे। उन्होंने कहा कि गर्विले हिंदू बनाने के लिए अपने घर में अपनी पाठशाला शुरू करनी होगी। उन्होंने कहा कि जैसे अन्य समुदाय अपने धार्मिक शिक्षण संस्थानों के जरिए अपनी परंपराओं को मजबूत करते हैं। वैसे ही सनातन समाज को भी अपने घरों में बच्चों को धर्म, संस्कृति और परंपराओं की शिक्षा देनी होगी। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर देते हुए पानी बचाने, पौधे लगाने और पॉलीथिन मुक्त समाज बनाने का संदेश दिया। साथ ही मातृभाषा और हिंदी के उपयोग पर बल देते हुए कहा कि अंग्रेजी सहित अन्य भाषाएं सीखना गलत नहीं है। लेकिन घर और समाज में अपनी मायड़ भाषा, मारवाड़ी और हिंदी पर गर्व करना चाहिए। उन्होंने लोगों से हिंदी में हस्ताक्षर करने और अपनी भाषा को सम्मान देने का आह्वान किया। यही नहीं इस महाकुंभ में छह साल की उम्र के स्वयंसेवक से लेकर 85 साल तक की उम्र के स्वयंसेवक नजर आए जो इस महाकुंभ की सबसे अधिक खूबसूरती रही। नगर कार्यवाह विजय कालेर ने बताया कि झुंझुनूं नगर को संगठन ने 18 बस्तियां मे विभाजित कर रखा है। जिसमें 51 शाखाएं लगती हैं। कार्यक्रम में स्वयंसेवकों की लगभग 800 संख्या रही। अंत में नगर संघ चालक अनूप गाडिया ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।

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