निवाई/पीपलू (लालचंद माली): जयपुर विद्युत वितरण निगम में टोंक जिले के पीपलू क्षेत्र में करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। जांच में अधिकारियों और तकनीकी कर्मचारियों की मिलीभगत से नियमों की अनदेखी, गलत आकलन और उपभोक्ताओं से अवैध वसूली का खुलासा हुआ है। मामले में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए पीपलू के सहायक अभियंता अशोक कुमार जांगिड़ को निलंबित कर दिया गया है। वहीं अधिशासी अभियंता मोहर मीणा, तकनीकी सहायक अभय कुमार और राजकिशोर मीणा को पदस्थापन आदेश की प्रतीक्षा सूची में रखा गया है। यह कार्रवाई निगम की अध्यक्ष आरती डोगरा के निर्देश पर की गई। जानकारी के अनुसार पीआर प्रोटीन इंडस्ट्री के 33 केवी कनेक्शन को स्थानांतरित करने में गंभीर अनियमितता सामने आई। जांच में पाया गया कि विद्युत आवश्यकता कम दिखाकर केवल 22 लाख रुपये की मांग निकाली गई, जबकि वास्तविक राशि इससे कहीं अधिक बनती थी। इससे विभाग को लाखों रुपये का नुकसान हुआ। इसके अलावा “सुरक्षित वित्त योजना” के नाम पर उपभोक्ताओं से मनमानी वसूली करने और 33/11 केवी लाइन स्थानांतरण में भी बड़े स्तर पर वित्तीय गड़बड़ी सामने आई है। अधिकारियों पर विभागीय नियमों की अनदेखी कर निजी लाभ पहुंचाने के आरोप लगे हैं।
सूत्रों के अनुसार कृषि कनेक्शनों में भी गड़बड़ी की जांच जारी है। कई मामलों में कम इकाई निकालकर विभाग को चूना लगाने, अवैध वसूली करने और तीन चरणीय कनेक्शन पर चोरी से मुफ्त कनेक्शन चलवाने जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं। कुछ लाइनमैनों की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है, जिन पर जल्द कार्रवाई की संभावना है। बताया जा रहा है कि अवैध वसूली और फर्जी बिलिंग के जरिए लंबे समय से विभाग को नुकसान पहुंचाया जा रहा था। अब पूरे मामले की जांच के लिए एक विशेष समिति गठित की गई है, जिसे 15 दिन में प्रतिवेदन सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।