बहरोड़: मंथन फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा ऑटिज़्म अवेयरनेस मंथ की शुरुआत ऑटिज़्म पर जीत हासिल कर चुके एक बच्चे का सम्मान कर की गई। मंथन सचिव डॉ.सविता गोस्वामी ने बताया कि ऑटिज़्म एक न्यूरो डेवलपमेंट कंडीशन है, जो मस्तिष्क के विकास को प्रभावित करती है, यह आमतौर पर बचपन से शुरू होता है। इसमें व्यक्ति को सोचने, समझने, बात करने एवं व्यवहार में कठिनाई होती है। ऑटिज्म एक बौद्धिक अक्षमता नहीं है बल्कि कमियों के बीच असंख्य संभावनाओं को तलाशना है। उन्होंने बताया एक अप्रैल से ऑटिज़्म अवेयरनेस मंथ शुरू हो रहा है। इसमें आमजन व अभिभावकों को ऑटिज़्म के प्रति जागरूक करने हेतु मंथन द्वारा विभिन्न आयोजन किए जाएँगे। इसी कड़ी में पहले दिन ऑटिज़्म पर जीत हासिल कर चुके आरव दूबे को सम्मानित किया गया। आरव 9 वर्ष का बच्चा है, जो गत दो वर्षों से मंथन चाइल्ड डेवलपमेंट सेंटर में आ रहा है। आरव जब सेंटर में आया था तो एक भी शब्द नहीं बोल पाता था, ना ही अपनी भावनाओं को व्यक्त कर पाता था। मंथन फाउंडेशन द्वारा संचालित मंथन सीडीसी में ऑक्यूपेशनल थेरेपी, एबीए थेरेपी व स्पीच थेरेपी के माध्यम से आज दो वर्षों के प्रयासों से वह अच्छे से बोल पता है, अपनी भावनाओं को व्यक्त कर पाता है, अपनी समस्याओं को बता पाता है तथा अपनी उम्र के अनुसार सामान्य विद्यालय में अध्ययन भी कर रहा है। मंथन का उद्देश्य ही है इन बच्चों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ना। इस उपलब्धि पर मंथन द्वारा बच्चे व अभिभावकों का अंग वस्त्र व प्रतीक चिह्न भेंटकर सम्मान किया गया। इस अवसर पर उसके माता पिता ने आरव में आए असाधारण सुधार के लिए मंथन फाउंडेशन एवं सीडीसी सेंटर का आभार व्यक्त किया तथा मंथन परिवार द्वारा आरव के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
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