बढ़ती चुनौतियों के बीच विशेष ट्रेनिंग की भी आवश्यकता: डीजीपी

AYUSH ANTIMA
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बीकानेर: डीजीपी राजीव शर्मा गुरूवार को बीकानेर के दौरे पर रहे। उन्होंने पुलिस लाइन में पुलिस कार्मिकों के साथ संपर्क सभा की। इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस कार्मिकों के दफ्तर या थाने में व्यवहार को लेकर शिकायत आना बहुत गंभीर है। गलत व्यवहार जनता के साथ बर्दाश्त नहीं करेंगे। राजस्थान को पुलिसिंग में मॉडल स्टेट बनाना है। थाना पुलिसिंग की पहली इकाई है। थाने नागरिकों के अनुकूल हो। नागरिक, गरिमा और न्याय पहले थानों का आदर्श वाक्य होगा। उन्होंने कहा कि बीट को मजबूत किया जाएगा और नागरिकों की सुरक्षा के लिए बीट ऑफिसर की जिम्मेदारी तय होगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा पर फोकस किया जाएगा। इसके लिये स्कूल स्तर पर महिला सुरक्षा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आज के बदलते दौर में तकनीक पुलिस की मजबूत साथी होगी। आधुनिक निगरानी प्रणाली को और प्रभावी करने पर जोर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस सेवा को बिना किसी भेदभाव के समाज के सभी वर्गों के लिए सुलभ बनाने का प्रयास होगा। शर्मा ने कहा कि प्रदेश के कुछ जिलों में जवानों की पदोन्नति के मामले पेंडिंग चल रहे थे। उन जिलों के अधिकारियों को जल्द पदोन्नति प्रक्रिया पूर्ण करने के आदेश दिए, साथ ही पेंडेंसी कम करने के आदेश दिए। प्रभावी गश्त के आदेश दिए ताकि आमजन का विश्वास बढ़े। एसएचओ-सीओ गश्त और एसपी-आईजी मॉनिटरिंग करेंगे। सड़क हादसों को कम करने के लिये भी प्रभावी कदम उठाए जा रहे है, साथ ही हेलमेट लगाने के लिये आमजन से समझाइश भी की जा रही है। 
*साइबर अपराध और ड्रग्स पर लगाम लगाना फोकस*
उन्होंने कहा कि अपराधी के खिलाफ सख्त व्यवहार होना चाहिए। उनके पास जो भी सपत्ति अपराध से अर्जित है, उसको जब्त किया जाए और ज्यादा से ज्यादा समय जेल में रखा जाए। डीजीपी राजीव शर्मा ने राजस्थान पुलिस के हाल ही में किए डिकॉय ऑपरेशन पर कहा कि हर गलत चीज के प्रति हमारी कार्रवाई जारी रहेगी। महिलाओं की सुरक्षा, साइबर अपराध और ड्रग्स पर लगाम लगाना हमारा सीधा फोकस है, राज्य सरकार का भी यही ध्येय है। पुलिस को लगातार ट्रेनिंग करने की आवश्यकता होती है। 

*विशेष ट्रेनिंग की जरूरत*

उन्होंने कहा कि जिस तरह से चुनौतियां बढ़ रही हैं, नई-नई तकनीक आ रही है, साइबर अपराध हो रहे हैं। इनको किस तरह से अनुसंधान करना है, इन सभी के संबंध में विशेष ट्रेनिंग की जरूरत होती है। केंद्र सरकार की विशेष संस्था के जरिए भी ट्रेनिंग कर रहे हैं। साइबर थाने में अच्छे प्रशिक्षण वाले लोग हों। प्रत्येक थाने में दो से तीन लोग ऐसे हों, जो साइबर अपराध की इन्वेस्टिगेशन की बेसिक तकनीक से अवगत हों। इस तरह का प्रयास हम कर रहे हैं।

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