बीकानेर: जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा के दिशा निर्देश पर चलाए जा रहे ऑपरेशन नीलकंठ के तहत शहर व ग्रामीण पुलिस थानों की टीमें सक्रियता से काम कर रही है। इसके चलते न केवल अवैध हथकड़ शराब बनाने वालों का भंडाफोड किया है। बल्कि दो तस्करों को भी दबोच कर उनके पास से एमडी बरामद की है। जिले के रणजीतपुरा थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध हथकड़ शराब बनाने वाली दो अलग-अलग चालू भट्टियों का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से 9.5 लीटर अवैध देशी शराब बरामद की, वहीं करीब 180 लीटर कच्चा लाहण मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। थानाधिकारी लक्ष्मण सिंह राठौड़ के नेतृत्व में टीम ने सूचना के आधार पर अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी। पहले मामले में चक 25 डीओबीबी क्षेत्र में धर्मसिंह (70) को अवैध शराब बनाते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। आरोपी ने सब्जी की खेती की आड़ में सरकारी जमीन पर भट्टी लगाकर शराब बनानी शुरू कर रखी थी। पुलिस ने उसके कब्जे से 5 लीटर शराब और करीब 120 लीटर लाहण बरामद किया, जिसे मौके पर नष्ट कर दिया गया। वहीं दूसरे मामले में चक 1 एएम राववाला निवासी जसवीर सिंह उर्फ जगसीर सिंह (55) को खेत में भट्टी लगाकर शराब बनाते पकड़ा गया। आरोपी शाम के समय पशुओं के चारे की आड़ में भट्टी चलाता था। पुलिस ने यहां से 4.5 लीटर शराब और करीब 60 लीटर लाहण बरामद कर नष्ट किया।दोनों मामलों में पुलिस ने राजस्थान आबकारी अधिनियम की धारा 16/54 के तहत प्रकरण दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच जारी है। कार्रवाई में एएसआई आनंद सिंह, कांस्टेबल प्रताप दान, राजू चौधरी, लालाराम व जगदीश कुमार सहित पुलिस टीम शामिल रही। पुलिस ने बताया कि इस कार्रवाई में कांस्टेबल प्रताप दान द्वारा दी गई सटीक सूचना की अहम भूमिका रही।
*दो तस्करों को एमडी सहित धर दबोचा*
देशनोक थानाधिकारी सुमन शेखावत व गंगाशहर थानाधिकारी परमेश्वर सुथार ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो तस्करों को एमडी सहित धर दबोचा है। दोनों को पलाना से पकड़ा गया है। सुमन शेखावत के अनुसार आरोपियों की पहचान नया बस स्टैंड, गंगाशहर निवासी ओमप्रकाश पुत्र बनवारी लाल विश्नोई व रासीसर निवासी मुकेश विश्नोई पुत्र रामकुमार के रूप में हुई है।आरोपियों से 5.25 ग्राम एमडी सहित एक क्रेटा कार व तस्करी से कमाए गए एक लाख 20 हजार रूपए भी जब्त किए गए हैं। अब पुलिस दोनों को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। पूछताछ में पता लगाया जाएगा कि आरोपियों ने एमडी कहां से खरीदी व किस किसको बेची। दोनों के पूरे नेटवर्क का भी पता लगाया जाएगा। पुलिस को अहम दस्तावेज व हिसाब किताब भी मिला है। बताया जा रहा है कि ओमप्रकाश पर पहले से एक मुकदमा दर्ज है।