जयपुर (श्रीराम इंदौरिया): संयुक्त अभिभावक संघ ने शिक्षा विभाग द्वारा आरटीई (RTE) के तहत प्रवेश प्रक्रिया की अंतिम तिथि 10 मार्च तक बढ़ाने के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे अभिभावकों और विद्यार्थियों के हित में लिया गया सकारात्मक कदम बताया है। संघ का कहना है कि समय बढ़ने से अनेक ऐसे अभिभावकों को राहत मिलेगी, जो तकनीकी कारणों, जानकारी के अभाव या सरकारी छुट्टियों के चलते दस्तावेज़ी समस्याओं के कारण अब तक आवेदन नहीं कर पाए थे। संयुक्त अभिभावक संघ के प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने कहा कि आरटीई के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित करना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ऐसे में प्रवेश प्रक्रिया के लिए अतिरिक्त समय देना स्वागत योग्य निर्णय है, जिससे अधिक से अधिक पात्र बच्चे इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले शैक्षणिक सत्र के हजारों विद्यार्थियों के आरटीई दाखिले अब भी लंबित हैं। अनेक मामलों में स्कूलों और विभाग के बीच समन्वय की कमी के कारण बच्चों का प्रवेश पूर्ण नहीं हो पाया या उन्हें नियमित रूप से पढ़ाई करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। अभिषेक जैन बिट्टू ने मांग की कि शिक्षा विभाग केवल नई आवेदन प्रक्रिया तक सीमित न रहकर पिछले सत्र के लंबित आरटीई दाखिलों की भी विशेष समीक्षा करे और जिन बच्चों का प्रवेश अब तक लंबित है, उन्हें तुरंत स्कूलों में समायोजित करवाने की ठोस व्यवस्था करे।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते लंबित मामलों का समाधान नहीं किया गया तो गरीब और जरूरतमंद बच्चों का एक और शैक्षणिक सत्र प्रभावित हो सकता है, जो शिक्षा के अधिकार की मूल भावना के विपरीत होगा। संयुक्त अभिभावक संघ ने शिक्षा विभाग से अपील की है कि आरटीई प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल और समयबद्ध बनाया जाए, ताकि किसी भी पात्र बच्चे को शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहना पड़े।
संघ ने बताया कि अगले सप्ताह शिक्षा संकुल पर आरटीई अभिभावकों की एक आवश्यक बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें पिछले सत्र की लंबित मांगों सहित वर्तमान सत्र से जुड़ी समस्याओं और मांगों को पुरजोर तरीके से उठाने की रणनीति बनाई जाएगी।