मनोकामना पूर्ण करो मां शीतला: घर-घर में लगाया बासी भोजन का भोग, मंदिर में लगा मेला

AYUSH ANTIMA
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बीकानेर: शीतलाष्टमी के मौके पर शहर के प्राचीन मां शीतला के मंदिर में श्रद्धा का ज्वर उमड़ पड़ा। इस मौके पर मेले में भी जबरदस्त भीड़ रही। इसके अलावा श्रद्धालुओं ने अपने घरों में विशेष पूजा अर्चना कर मां शीतला के बासी भोजन का भोग लगाकर मनोकामना पूर्ण करने की प्रार्थना की। इस मौके पर श्रद्धालुओं ने ठण्डे पानी से मां शीतला के मंदिर में पारंपरिक रूप से माता की प्रतिमा का अभिषेक भी किया। घरों में मटकियों पर गर्दभ बनाकर पूजा अर्चना कर कुमकुम, रोली, गुलराब, छाछ व विभिन्न प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया। इस मौके पर गली गली में शीतला माता की सवारी गर्दभ का भी पूजन किया गया और घरों में नई मटकियां भरी गईं। शीतला गेट स्थित शीतलामाता मंदिर में श्रद्धालुओं ने विधि विधान से शीतला माता की पूजा अर्चना की। अल सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर शीतला माता के दर्शन किये व मनवांछित कामनाएं कीं। वहीं नवजात शिशुओं व नवविवाहित जोड़ों के साथ माता के धोक लगाई। इससे पूर्व मंगलवार को नगर में बना बासोड़े का भोजन बनाया गया। भारतीय सनातन परम्परा के अनुसार महिलाएं अपने बच्चों की सलामती, अरोग्यता व घर में सुख शांति के लिए अष्टमी पर मां शीतला को बासोड़ा बनाकर पूजती हैं। तत्पश्चात घरों व मंदिर में माता की पूजा अर्चना कर उन्हें बासोड़ा का प्रसाद खिलाया जाता है। पूजा अर्चना करने के बाद बासोड़ा का प्रसाद अपने परिवार में बांटने की परम्परा भी है। धार्मिक मान्यता अनुसार नवरात्र के शुरू होने से पहले यह व्रत करने से मां का आशीर्वाद अपने भक्तों पर रहता है और वह कई प्रकार की बीमारियों से मुक्ति पाते हैं।

*बैशाख नंदन की हुई पूजा*

शीतलाष्टमी के मौके पर धर्मनगरी में परंपरा के अनुरूप श्रद्धालुओं ने बैशाख नंदन (गधे) की पूजा अर्चना कर बासी भोजन खिलाया और तिलक लगाकर पूजा की।

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