नहरबंदी से पहले जलाशयों को भरने की तैयारी, बीकानेर में पानी की सप्लाई बनाए रखने की कवायद

AYUSH ANTIMA
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बीकानेर: शहर में पेयजल आपूर्ति बनाए रखने के लिए प्रशासन और जलदाय विभाग ने नहरबंदी से पहले तैयारियां तेज कर दी हैं। शहर की जनता को प्रतिदिन करीब 145 एमएलडी पानी की आवश्यकता होती है, जो मुख्य रूप से बीछवाल और शोभासर जलाशयों से सप्लाई किया जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए इन दोनों जलाशयों को इंदिरा गांधी नहर से पूरा भरने की योजना बनाई जा रही है, ताकि नहरबंदी के दौरान पानी की आपूर्ति प्रभावित न हो। जानकारी के अनुसार 21 मार्च से 4 अप्रैल तक आंशिक नहरबंदी और 5 अप्रैल से 5 मई तक पूर्ण नहरबंदी रहेगी। ऐसे में जलदाय विभाग दोनों जलाशयों को पहले से भरने में जुटा हुआ है। बीछवाल जलाशय की भराव क्षमता 6.2 मीटर और शोभासर जलाशय की 5.5 मीटर है। वर्तमान में बीछवाल में लगभग 4 मीटर पानी उपलब्ध है, जबकि 2.2 मीटर स्थान खाली है। वहीं शोभासर जलाशय में करीब 2.85 मीटर पानी है और 2.65 मीटर खाली है। अधिकारियों का कहना है कि आंशिक नहरबंदी के दौरान भी जलाशयों में पानी मिलता रहेगा, जिससे उम्मीद है कि पूर्ण नहरबंदी शुरू होने से पहले दोनों जलाशय पूरी तरह भर लिए जाएंगे। यदि जलाशय पूरी क्षमता तक भर जाते हैं तो शहर को लगभग 18 दिनों तक लगातार पेयजल आपूर्ति दी जा सकती है। इसके अलावा पूर्ण नहरबंदी के दौरान भी सात दिन लगातार और फिर एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई दी जाएगी, जिससे शहर में पानी की समस्या कम रहे।
*नई टंकियों से होगी सप्लाई की टेस्टिंग*
जलदाय विभाग ने शहर में बनाई गई छह नई पानी की टंकियों को भी इस दौरान उपयोग में लेने की तैयारी की है। इनमें नयाशहर की दूसरी टंकी, धरणीधर, जवाहर नगर, सर्किट हाउस, सेटेलाइट हॉस्पिटल और पटेल नगर की टंकियां शामिल हैं। इन टंकियों के माध्यम से अंतिम छोर तक पानी पहुंचाकर उनकी टेस्टिंग भी की जाएगी।
*सेटेलाइट टंकी से इन इलाकों में पहुंचेगा पानी*
सेटेलाइट टंकी से चौखूंटी नंबर, नायकों का मोहल्ला, सुभाष मार्ग, एमआर होटल क्षेत्र, प्रताप बस्ती, चूना भट्टा, पाबूबारी, पारीक चौक, कसाइयों का मोहल्ला और सोनगिरी कुआं सहित आसपास के क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की जाएगी।

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