जयपुर (वसीम अकरम कुरेशी): शहर के आदर्श नगर क्षेत्र में बुधवार को एक बेहद भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जहां 6 मासूम बच्चों ने अपनी भक्ति और अडिग संकल्प से बड़ों को भी हैरत में डाल दिया। हाजी नईमुद्दीन कुरैशी के पौत्रों हसीब, हबीब, इस्माइल, तैमूर, आयशा व नातिन आमना ने धूप की तेज तपिश और कम उम्र की चुनौतियों के बावजूद अपना पहला रोजा पूरी शिद्दत और उत्साह के साथ मुकम्मल किया।
जैसे ही शाम को इफ्तार का समय हुआ इन बच्चों ने सभी के बीच बैठकर रोजा इफ्तार किया, मगरिब की नमाज अदा कर देश व समाज की तरक्की और खुशहाली की दुआएं की। परिवार के सदस्यों ने बताया कि ये बच्चे सुबह से ही बेहद उत्साहित थे और इन्होंने पूरे दिन बिना किसी परेशानी के रोजे के नियमों का पालन किया। इनकी मासूमियत और खुदा के प्रति यह समर्पण सभी ने देखा। इतनी कम उम्र में भूख-प्यास पर नियंत्रण पाना और धार्मिक संस्कारों के प्रति ऐसा झुकाव वाकई काबिले तारीफ है। लोगों ने इसे संस्कार और धैर्य की एक बेहतरीन मिसाल बताया। इन मासूम बच्चों को सभी ने दुआओं से नवाजा। इन बच्चों ने यह साबित कर दिया कि इबादत के लिए उम्र नहीं, बल्कि साफ नीयत और जज्बे की जरूरत होती है।