कथित ऑडियो-वीडियो को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म

AYUSH ANTIMA
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बीकानेर: शहर में पूर्व मंत्री गोविंद राम मेघवाल से जुड़े कथित ऑडियो-वीडियो को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। इस मुद्दे पर शहर जिलाध्यक्ष मदन मेघवाल और भाजपा नेता रवि मेघवाल ने अलग-अलग प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए। मदन मेघवाल ने कहा कि वायरल हो रहा ऑडियो-वीडियो पूरी तरह संदिग्ध है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होने आरोप लगाया कि यह एक सोची-समझी साजिश के तहत राजनीतिक छवि खराब करने का प्रयास हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से मामले की गहन जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने इस बात से साफ इंकार किया है कि इस प्रकार के किसी ऑडियो से दो समाजों में दूरियां आएगी। मेघवाल ने कहा कि आने वाले चुनाव पर भी इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि यदि यह विडियो सत्य हुआ तो अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिये शीर्षस्थ नेताओं को लिखा जाएगा। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं पर की गई टिप्पणी की कड़ी शब्दों में निन्दा की है। मेघवाल ने कहा कि गोविन्दराम को किसी प्रकार की टिप्पणी करने से पहले तथ्यों को जांच लेना चाहिए, फिर आरोप प्रत्यारोप लगाते। बिना किसी तथ्यों के इस प्रकार की बयानबाजी पार्टी के लिये अच्छी नहीं है। केन्द्रीय मंत्री से रिश्तेदारी को लेकर गोविन्दराम के बयान पर पूछे गये प्रश्न का जबाब देते हुए शहर कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पूर्व मंत्री अपनी ही पार्टी के शीर्षस्थ नेताओं पर सवाल खड़ा कर रहे है। उन्हें पार्टी का अध्यक्ष कांग्रेस के आला नेताओं ने बनाया है। अगर पूर्व मंत्री इसको उनकी रिश्तेदारी से जोड़ते है तो ये सीधा सीधा पार्टी नेताओं पर ही सवाल उठा रहे है।
*समाज में घोल रहे है जहर*
मेघवाल ने गोविन्दराम का नाम लिये बिना कहा कि वे समाज में जहर घोलने का काम कर रहे है। अगर ऑडियो-विडियो की सच्चाई सामने आई तो निश्चित तौर पर कार्रवाई की मांग की जाएगी।

*गोविन्दराम मान जावें अन्यथा..........*
बीकानेर में दो दिन पहले वायरल हुए कांग्रेस के पूर्व मंत्री के एक ऑडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता रवि मेघवाल ने कहा कि सच्चाई सामने आनी चाहिए और किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि ऑडियो-वीडियो असली है तो संबंधित लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और जनता को सच्चाई बताई जानी चाहिए। रवि मेघवाल कांग्रेस नेता को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि वे बार बार उनका नाम हर प्रकरण से जोडऩा बंद करें अन्यथा उन्हें मजबूर कानून का रास्ता अपनाना पड़ेगा। मंत्री पुत्र ने गोविन्दराम को संयमित होकर अपना पक्ष रखने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि वे न तो गोविन्दराम पर टीका टिप्पणी करते है और न ही अनायास किसी प्रकरण में पंचायती करते है। अगर वे अपनी हरकतों से बाज नहीं आएं तो मानहानि का दावा करने में वे पीछे नहीं हटेंगे। रवि ने पंचायत चुनाव लडऩे की इच्छा से इंकार करते हुए आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी के आदेशानुसार चुनाव मैदान में उतरने की बात भी कही।

*विडियो वायरल से उनका कोई संबंध नहीं*
इन दोनों नेताओं की प्रेस वार्ता के बाद वहीं गोविंद राम मेघवाल ने भी सामने आकर अपनी सफाई दी है। पूर्व मंत्री ने अपनी सफाई देते हुए कहा कि वायरल ऑडियो-वीडियो से उनका कोई संबंध नहीं है। उन्होंने इसे पूरी तरह फर्जी और भ्रामक बताते हुए कहा कि उनकी छवि धूमिल करने के लिए यह साजिश रची गई है। उन्होंने कहा कि वे खुद इस मामले की जांच के पक्ष में हैं और सच्चाई सामने आने पर सब स्पष्ट हो जाएगा। मेघवाल ने साफ तौर पर रवि मेघवाल के एक समर्थक व उसके भाई का नाम लेते हुए कहा कि अगर मैं गलत साबित हुआ तो सार्वजनिक माफी मांग लूंगा, वरना रवि मेघवाल ऐसा करें। फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर बीकानेर की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और सभी की निगाहें अब जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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