अनिता पूनिया: सेवा और समर्पण की मिसाल

AYUSH ANTIMA
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चिड़ावा (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): चिड़ावा की सामाजिक कार्यकर्ता अनिता पूनिया पिछले लगभग 7 वर्षों से झुग्गी-झोपड़ी, भिक्षावृत्ति और बेसहारा जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का सराहनीय प्रयास कर रही हैं। उनका मानना है कि हर बच्चे को पढ़ने और आगे बढ़ने का अधिकार है, चाहे उसकी परिस्थितियाँ कैसी भी क्यों न हों। अनिता पुनिया सरला पाठशाला, चिड़ावा के माध्यम से उन बच्चों तक पहुँच रही हैं, जो आर्थिक तंगी या सामाजिक कारणों से शिक्षा से दूर रह जाते हैं। वे बच्चों और उनके परिवारों को शिक्षा का महत्व समझाकर उन्हें स्कूल से जोड़ने का निरंतर प्रयास करती हैं। उनका कार्य केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं है। वे बच्चों को संस्कार, आत्मविश्वास और बेहतर भविष्य की दिशा भी दिखाती हैं। उनके प्रयासों से कई बच्चे भिक्षावृत्ति और असहाय जीवन से निकलकर शिक्षा की मुख्यधारा में शामिल हुए हैं। समाज के प्रति उनका यह समर्पण संदेश देता है कि एक व्यक्ति की पहल भी कई जीवन बदल सकती है। अनिता पुनिया का यह कार्य समाज के लिए प्रेरणा है और यह साबित करता है कि सच्ची सेवा वही है जो जरूरतमंदों के जीवन में उम्मीद की नई रोशनी लाए।

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