झुंझुनू (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): चैत्र नवरात्रि एवं नव संवत्सर (हिंदू नववर्ष) के पावन अवसर पर गुरुवार को गोपाल गौशाला में बायोगैस उत्पादन का कार्य विधिवत रूप से शुरू हो गया है। इस आधुनिक बायोगैस प्लांट के चालू होने से अब गौवंश के गोबर से न केवल रसोई का चूल्हा जलेगा, बल्कि आने वाले समय में जनरेटर और सीएनजी निर्माण की राह भी प्रशस्त होगी। विदित है कि मुम्बई प्रवासी स्वर्गीय मोहन लाल खंडेलिया की पुण्य स्मृति में उनके सुपुत्र सुरेश खंडेलिया एवं सुपुत्र वधू श्रीमती मंजू खंडेलिया द्वारा उक्त बायोगैस प्लांट का निर्माण करवाया गया है। प्लांट से गैस उत्पादन शुरू होने के बाद गौशाला परिसर में उत्साह का माहौल रहा। प्रथम दिन गोपालकों ने बायोगैस से जलने वाले विशेष चूल्हे पर चाय बनाई और भोजन पकाकर इसका सफल परीक्षण किया। गैस की लौ और दबाव को देखकर विशेषज्ञ गुजरात से आए प्लांट लगाने वाले सुरेश भारती ने इसे पूरी तरह सफल बताया है। इससे गौशाला को अब महंगे एलपीजी सिलेंडरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, जिससे बड़ी आर्थिक बचत होगी। इस उपलब्धि पर जानकारी देते हुए गौशाला अध्यक्ष प्रमोद खंडेलिया, मंत्री प्रदीप पाटोदिया ने बताया कि यह हमारे लिए अत्यंत हर्ष का विषय है कि नव वर्ष के प्रथम दिन ही इस पुण्य कार्य की शुरुआत हुई है। इस प्लांट से प्रतिदिन कॉफी मात्रा में गैस का उत्पादन होने की संभावना है, जो गौशाला की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है।"
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