झुंझुनूं जिले में यमुना नहर का जिन्न अभी बोतल के बाहर नहीं आया है लेकिन इस जिन्न के सहारे कांग्रेस के एक कद्दावर नेता ने अपने राजनीतिक जीवन के अंतिम क्षणो में इस जिन्न ने उनकी राजनीति चमकाने मे विशेष योगदान दिया। यमुना जल के इस जिन्न को उन्होंने कभी बोतल के बाहर नहीं निकाला। पिलानी विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो यह विधानसभा क्षेत्र पानी को लेकर डार्क जोन घोषित हो चुका है। इसके चलते ये क्षेत्र पीने के पानी की समस्या से जूझ रहा है। यह सरकारों के लिए भी शर्म की बात होनी चाहिए कि आजादी के 80 साल बाद भी आमजन को शुद्ध पीने के पानी को लेकर आंदोलन करना पड़ रहा है। पिलानी विधानसभा को पीने के पानी के संवेदनशील मुद्दे को लेकर आयुष अंतिमा (हिन्दी समाचार पत्र) ने अपने लेखो के माध्यम से पत्रकारिता के मूल्यों को जीवंत रखते हुये जनता की अदालत व सरकार के संज्ञान में लाने की अनवरत कोशिश की है। इसके साथ ही पिलानी विधानसभा क्षेत्र को पीने का पानी मुहैया करवाने के लिए तत्कालिक उपाय केवल और केवल कुंभाराम लिफ्ट परियोजना का पानी है, जो मात्र पिलानी से 15 किमी की दूरी पर है। यमुना जल के पानी का झुनझुना तो पिछले साठ साल से जनता को थमा रखा है। राजस्थान में डबल इंजन सरकार के गठन होते ही हरियाणा सरकार के साथ यमुना जल समझौता हुआ। इसको जिले के स्थानीय नेताओं व पिलानी विधानसभा के नेताओ ने ऐतिहासिक करार देते हुए मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा को शेखावाटी के भागीरथ की उपाधि से भी अलंकृत कर दिया था। सूत्रों की मानें तो मंड्रेला से पाइप लाइन के जरिये पिलानी विधानसभा को पानी की उपलब्धता को लेकर करीब 45 करोड़ की परियोजना की निविदा सरकार ने जारी कर दी है। अब आस जगी है यदि सब कुछ सामान्य रहा तो निविदा प्रक्रिया के पूर्ण होते ही यह परियोजना धरातल पर मूर्त रूप लेकर पिलानी के आवाम को इस समस्या से निजात मिलेगी।
अब इस परियोजना की निविदा जारी होते ही स्थानीय बयानवीर नेताओं के बयान देखने को मिल रहे हैं कि इस परियोजना को धरातल पर लाने में उनकी अहम भूमिका रही है। चूंकि सरकार भाजपा की है तो भाजपा के नेता के दावे में सच्चाई ज्यादा नजर आती है व भाजपा को इसका राजनीतिक लाभ निश्चित रूप से मिलेगा। आयुष अंतिमा (हिन्दी समाचार पत्र) भी मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा का आभार व्यक्त करता है कि पिलानी को पीने के पानी जैसे संवेदनशील मुद्दे पर राजनितिक इच्छा शक्ति का प्रदर्शन करते हुए संज्ञान लिया। इसके साथ ही स्थानीय भाजपा नेता व भाजपा प्रत्याशी के प्रयासों को भी नकारा नहीं जा सकता। पिलानी विधायक ने भी इस मुद्दे को लेकर विधानसभा सत्र में पूरजोर मांग की थी।