निवाई (लालचंद सैनी): सिरस के अस्पताल में बिना नौकरी किए भुगतान उठाने का मामला उजागर होने के बाद क्षेत्र के अन्य अस्पतालों में भी हडकंप मच गया। मेडिकल विभाग के साथ-साथ अन्य विभागों में कार्यरत एजेंसियों में भी हडकंप मच गया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार संबंधित विभाग के कर्मचारी अपने किसी विश्वास पात्र व्यक्ति या अपने रिश्तेदार के नाम से एजेंसी का रजिस्ट्रेशन करवा कर रखते हैं, निविदा निकलने पर अन्य एजेंसियों को किसी ना किसी प्रकार का बहाना बनाकर निविदा से बाहर कर देते हैं। बताया जाता है कि वह कर्मचारी इस विभाग में नौकरी करता है, इसलिए उसकी सभी अधिकारियों से भी पकड़ रहती है, अधिकारियों को भी भरोसा रहता है कि अपने स्टाफ का व्यक्ति है, इसलिए बात लीकेज नहीं होगी और उसको मौका दिया जाता है। अवसर का फायदा उठाकर वह व्यक्ति जनता की सुविधाओं में कटौती कर देता है लेकिन उसकी भी मजबूरी होती है। अफसरों को भी राजी रखना पड़ता है, अफसरों को खुश नहीं रखेंगे तो फाइल रुक जाती है। बताया जाता है कि एजेंसियों के द्वारा संबंधित विभाग में कर्मचारी लगाना, कंप्यूटर ऑपरेटर लगाना अथवा गार्ड लगाना एवं वाहन लगाना, इन सभी कार्यों में भ्रष्टाचार देखने को मिल जाएगा। इन सभी कार्यों में अधिकतर विभागों में निविदा के अनुरूप कंप्यूटर ऑपरेटर, वाहन चालक, वाहन, कर्मचारी एवं गार्ड नहीं मिलते हैं, इसके साथ ही कर्मचारी एवं गार्ड वर्दी भी नहीं पहनते हैं। बताया जाता है कि एजेंसियों के द्वारा कर्मचारियों का शोषण भी किया जाता है, कर्मचारियों के खातों में भुगतान डालने के बाद उनसे तय की गई राशि नगदी के रूप में वापस भी ली जाती है। विभाग द्वारा इनकी गहनता से जांच की जाए तो दूध का दूध पानी का पानी हो सकता है।
3/related/default