झुंझुनू (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): जिले की लगभग 125 वर्ष पुरानी और गो सेवा को समर्पित श्री गोपाल गोशाला में गोभक्तों के सहयोग से विकास के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं। गोमाता के लिए पेयजल की सुगम व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, स्वर्गीय श्रीमती चंद्रकला देवी जालान धर्मपत्नी स्वर्गीय श्री बिड़दीचंद जी जालान की पुण्य स्मृति में उनके सुपुत्र झुंझुनू निवासी मुंबई प्रवासी भामाशाह सीए दीनबंधु जालान के सौजन्य से बोरिंग का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है।
*600 फीट गहरा पाताल तोड़ बोरिंग, पानी भी मिला मधुर*
गोशाला अध्यक्ष प्रमोद खंडेलिया एवं मंत्री प्रदीप पाटोदिया ने जानकारी देते हुए बताया कि बीबानी धाम के सामने, गोशाला के हॉस्पिटल एरिया के बाहर लगभग 600 फुट गहरा 'पाताल तोड़' बोरिंग करवाया गया है। हर्ष का विषय है कि गोमाता की कृपा से इस बोरिंग में पीने योग्य मीठा और पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध हुआ है, जिससे गोवंश की जल समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा।
*आवास का नवीनीकरण और निरंतर सहयोग*
विदित रहे कि सीए दीनबंधु जालान गोशाला के विकास में निरंतर अपना योगदान दे रहे हैं। बोरिंग के साथ-साथ उनके सौजन्य से गोशाला में एक गो-आवास का नवीनीकरण कार्य भी लगभग 5 लाख रुपये की लागत से प्रगति पर है।
*भामाशाहों का समर्पण और पारदर्शी प्रबंधन*
गोशाला प्रबंधन ने झुंझुनू की धरा के प्रवासी भामाशाहों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि "झुंझुनू के भामाशाह न केवल गौशाला, बल्कि अन्य सामाजिक संस्थाओं में भी तन-मन-धन से सहयोग कर रहे हैं। गोशाला प्रबंध कमेटी की पारदर्शिता और भामाशाहों के अटूट विश्वास के कारण ही विगत वर्षों में यहाँ लगातार नवाचार और विकास कार्य संभव हो पाए हैं।" गोशाला प्रबंध कमेटी का संकल्प है कि भामाशाहों के पाई-पाई का सदुपयोग केवल गौसेवा और गौशाला के उत्थान में ही हो, ताकि यहां रहने वाले गोवंश को हर संभव सुख-सुविधा मिल सके। इस अवसर पर गोशाला कार्यकारिणी के सदस्यों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि भामाशाहों का यही जुड़ाव गौशाला को आत्मनिर्भर बना रहा है। बोरिंग शुरू होने के साथ ही गोशाला में गोवंश के लिए पानी की उपलब्धता अब और भी आसान हो गई है।"