राजस्थान स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर राज्य स्तरीय समारोह का होगा आयोजन

AYUSH ANTIMA
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जयपुर (श्रीराम इंदौरिया): राजाओं की गौरवगाथाओं, वीरता, त्याग एवं समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से सुविख्यात राजस्थान राज्य के स्थापना दिवस की पूर्व संध्या 29 मार्च 2026 पर अन्तर्राष्ट्रीय समरसता मंच द्वारा एक भव्य, गरिमामय एवं राष्ट्रप्रेरक समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन का उद्देश्य प्रदेश के गौरवशाली इतिहास, सांस्कृतिक परंपराओं, स्थापत्य कला, लोकसंस्कृति तथा वीर पूर्वजों के बलिदानों का स्मरण करते हुए सामाजिक समरसता एवं राष्ट्रीय चेतना को सुदृढ़ करना है। मंच के संयोजक एंव नेपाल सरकार के प्रथम उपराष्ट्रपति न्यायमूर्ति परमानन्द झा के विशिष्ठ सलाहकार एडवोकेट कुलदीप प्रसाद शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि अन्तर्राष्ट्रीय समरसता मंच विगत एक दशक से अधिक समय से निरंतर राजस्थान स्थापना दिवस के अवसर पर सांस्कृतिक एवं प्रेरणास्पद कार्यक्रमों का आयोजन करता आ रहा है। इस वर्ष का आयोजन विशेष रूप से प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में आयोजित किया जा रहा है।
समारोह का मुख्य उद्देश्य राजस्थान की ऐतिहासिक गौरवगाथा का संरक्षण, सांस्कृतिक चेतना का विस्तार, वीरता एवं बलिदान को नमन, नागरिक सहभागिता को प्रोत्साहन तथा राज्य के सतत विकास एवं सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करना है। यह आयोजन 25 राष्ट्रों के राष्ट्रीय ध्वजों के सान्निध्य में संपन्न होगा, जो अंतरराष्ट्रीय सौहार्द, सांस्कृतिक एकता एवं वैश्विक मैत्री का प्रतीक होगा।
मंच की प्रतिभा चयन समिति के अध्यक्ष डॉ.एचसी गणेशिया ने बताया कि राजस्थान की प्रतिष्ठा एवं सामाजिक गौरव को बढ़ाने वाले चयनित विशिष्ट व्यक्तित्वों को इस अवसर पर मंच के प्रेरणास्रोत अतिथियों द्वारा “राजस्थान समरसता रत्न अवार्ड” से सम्मानित किया जाएगा। समारोह में शिक्षा, समाजसेवा, प्रशासन, संस्कृति, नवाचार एवं राष्ट्रनिर्माण से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं की उल्लेखनीय सहभागिता रहेगी।
मंच के बोर्ड सलाहकार सदस्य एडवोकेट नरेन्द्र कुमार पाण्डेय ने जानकारी दी कि समारोह हेतु प्रदेश के गणमान्य, प्रबुद्ध एवं विशिष्ट व्यक्तियों को औपचारिक आमंत्रण पत्र प्रेषित किए जा रहे हैं तथा मंच के प्रेरक सदस्यों द्वारा प्रतिभाओं की प्रस्तावित सूची मंच कार्यालय को भेजी जा रही है।
यह आयोजन राजस्थान की सांस्कृतिक गरिमा, प्रशासनिक अनुशासन, सामाजिक समरसता एवं राष्ट्रीय चेतना को नई दिशा प्रदान करने वाला सिद्ध होगा।

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