श्रीडूंगरगढ़/बीकानेर (तोलाराम मारू): स्थानीय बार एसोसिएशन श्रीडूंगरगढ़ ने उपखंड अधिकारी शुभम शर्मा के मार्फ़त राज्यपाल राजस्थान को ज्ञापन देकर राजस्थान का राज्य वृक्ष खेजड़ी की कटाई नही करने की मांग की हैं। आज अंधाधुंध कटाई के कारण खेजड़ी वृक्ष संकट में है। विकास के नाम पर लगातार हो रही खेजड़ी वृक्षों की कटाई को लेकर बीकानेर संभाग मुख्यालय पर चल रहे ‘खेजड़ी बचाओ महापड़ाव आंदोलन’ को अब अभिभाषक संघ श्रीडूंगरगढ़ का भी समर्थन मिला है। अभिभाषक संघ की ओर से अध्यक्ष एडवोकेट ललित कुमार मारू की अगुवाई में राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन उपखण्ड अधिकारी शुभम शर्मा को सौंपा गया। ज्ञापन में बताया गया कि खेजड़ी वृक्ष न केवल पर्यावरण संतुलन के लिए आवश्यक है, बल्कि राजस्थान की सांस्कृतिक और पारंपरिक पहचान का भी प्रतीक है। एडवोकेट पुखराज तेजी ने बताया कि संघ ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि बिश्नोई समाज सहित सर्व समाज खेजड़ी वृक्ष की कटाई रोकने के लिए लगातार संघर्ष कर रहा है, लेकिन प्रभावी कानून के अभाव में कटाई पर पूर्ण रोक नहीं लग पा रही है।
*राज्य सरकार से कठोर कानून बनाने की मांग*
अभिभाषक संघ ने राज्यपाल से आग्रह किया है कि वे राज्य सरकार को निर्देशित करें कि खेजड़ी वृक्ष के संरक्षण हेतु तत्काल प्रभाव से प्रभावी व कठोर कानून बनाया जाए, जिससे अंधाधुंध कटाई पर रोक लगे और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिल सके। अभिभाषक संघ के अध्यक्ष ललित कुमार मारू व पदाधिकारियों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाली पीढ़ियों को इसका गंभीर खामियाजा भुगतना पड़ेगा।