बीकानेर: सनातन धर्म रक्षा समिति के बैनर तले पॉलिटेक्निक कॉलेज ग्राउंड में चल रही श्रीमद्भागवत कथा और 51 कुंडीय विश्व शांति महायज्ञ की पूर्णाहुति शनिवार को हुई। श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन साध्वी ऋतंभरा ने श्रीकृष्ण-सुदामा की दोस्ती का उदाहरण देते हुए कहा कि दोस्ती ऐसी होनी चाहिए कि जरूरत पड़ने पर एक दूसरे के ऐसे काम आए कि किसी को भी पता नहीं चलें कि काम कैसे हुआ। साध्वी ऋतंभरा ने सनातन धर्म का प्रचार करने का आह्वान करते हुए कहा, आज विश्व शांति के लिए सनातन धर्म की जरूरत है। साध्वी ने कहा बीकानेर के लोगों की सहृदयता और अपनत्व के साथ साथ सनातनी परंपरा ही इस नगरी को छोटी काशी बनाती है। इससे पहले साध्वी ऋतंभरा के पहुंचने पर लक्ष्मण सिंह सुथार, प्रेम सिंह, मदन सिंह पंवार, दीपक पंवार और मनीष पंवार, हेतराम गौड़ और डॉ.बीएल खजोटिया आदि ने श्रीमद्भागवत कथा की आरती की। सनातन धर्म रक्षा समिति के संस्थापक सुरेंद्र सिंह राजपुरोहित और कार्यक्रम अध्यक्ष अनिल सोनी (झूमर सा) ने साध्वी ऋतंभरा, आगंतुकों का आभार जताते पॉलिटेक्निक कॉलेज प्रशासन, पुलिस प्रशासन और कार्यकर्ताओं का आभार जताया। इसके बाद साध्वी ऋतंभरा ने यज्ञशाला में पहुंचकर यज्ञाचार्य पंडित सिद्धार्थ पुरोहित (बाला महाराज) के सान्निध्य में विश्व शांति के लिए आहुतियां देकर नोखा सिलवा के लिए प्रस्थान किया। महायज्ञ की पूर्णाहुति शनिवार शाम को हुई।
*शिवबाड़ी के लालेश्वर महादेव मंदिर पहुंची साध्वी ऋतंभरा* साध्वी ऋतंभरा शिवबाड़ी स्थित लालेश्वर महादेव मंदिर पहुंची। वहां पर मठ के अधिष्ठाता विमर्शानंद महाराज ने साध्वी ऋतंभरा का सत्कार किया। उन्होंने साध्वी को मंदिर के इतिहास और महत्व की जानकारी दी। साध्वी एक घंटे से अधिक समय मंदिर में बिताया।