निवाई (लालचंद सैनी): चाइल्ड लाइन से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को गांव पलई में स्थित उमरवालों की ढाणी में नाबालिग बालक के विवाह की सूचना मिली जानकारी के तुरंत बाद ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने संज्ञान लेते हुए नाबालिग के संरक्षण, काउंसलिंग एवं आवश्यक कार्रवाई की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं अपर जिला न्यायाधीश दिनेश कुमार जलुथरिया ने बताया कि क्षेत्र में नाबालिग के विवाह किए जाने की सूचना प्राप्त होने पर प्रकरण को गंभीरता से देखते हुए तुरंत संबंधित थाना क्षेत्र के थानाधिकारी को मौके पर भेजा गया काउंसलिंग एवं विधिक जागरूकता हेतु प्राधिकरण की ओर से सहायक एलएडीसी बुधराम चौधरी एवं अधिकार मित्र केदारमल बैरवा के दल को भी काउंसलिंग एवं विधिक सलाह के लिए भेजा गया। टीम द्वारा परिजनों को समझाया गया कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक कुप्रथा एवं दण्डनीय अपराध है, जिससे नाबालिग के जीवन, शिक्षा एवं स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव पड़ता हैं। बाल विवाह से शिक्षा का बाधित होना, मानसिक दबाव, घरेलू हिंसा एवं शोषण,जबरन श्रम तथा भविष्य के विकास में बाधा जैसे गंभीर प्रभाव पडते हैं। प्राधिकरण सचिव ने बताया कि पुलिस थाना निवाई चाइल्ड लाइन एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण टोंक के आपसी समन्वय एवं त्वरित कार्रवाई के माध्यम से नाबालिग बालक का विवाह रोक दिया गया तथा उसके संरक्षण को सुनिश्चित किया गया है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने त्वरित कार्यवाही कर रुकवाया बाल विवाह
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February 13, 2026
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