51 कन्याओं का पूजन किया, हवन में आहुति देकर की देश में सुख शांति की कामना

AYUSH ANTIMA
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बीकानेर (प्रमोद आचार्य): ‘या देवी सर्वभूतेषू शक्तिरूपेण संस्थिता, नमस्तस्ये, नमस्तस्ये, नमस्तस्ये नमो: नमा’कन्या शक्ति का रूप होती है, जिन घरों में बालिकाएं होती है, वहां देवता रमण करते हैं। धन और ज्ञान के साथ वैभव की वृद्धी होती है। इसलिए कन्याओं का सम्मान करना चाहिए और बालिकाओं को शिक्षा देकर आत्मनिर्भर बनाना चाहिए। यह उद्गार अतिथियों ने चकगर्बी स्थित अपना परिवार सेवा सदन, मुख्यमंत्री पुनर्वास गृह में रविवार को आयोजित हुए कन्या पूजन अवसर पर वक्ताओं ने व्यक्त किए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुक्ता प्रसाद थानाधिकारी विजेन्द्र कुमार एवं विशिष्ट अतिथि पूर्व पार्षद राजेन्द्र शर्मा, अनिल शर्मा, पार्षद प्रतिनिधि बाबूलाल आचार्य, समाजसेवी हरिकान्त शर्मा थे। इस अवसर पर मुख्यअतिथि सीआई विजेन्द्र कुमार शीला ने बालक-बालिकाओं को शिक्षा देने के साथ समय बिताने और मोबाइल संस्कृति से दूर रखने की बात कही। साथ ही कहा कि बालक-बालिकाओं पर अपनी मर्जी ना थोपकर जो बनना चाहे, उन्हें बनाने का प्रयत्न करना चाहिए। इस अवसर पर अपना परिवार सेवा सदन के अध्यक्ष रामेश्वरलाल बिश्नोई ने बताया कि संस्थान का प्रयास भूले-भटके और मुख्य धारा से कट चुके लोगों को मुख्यमंत्री पुनर्वास गृह में लाकर उनके परिवारजनों से समझाईश कर पुनर्वास करवाना है। संस्थान द्वारा अब तक हजारों महिला एवं पुरुषों को पुनर्वास गृह में लाकर उनके परिवार संबंधी समस्याओं का निपटारा कर उनके जीवन में फिर से खुशियां लाई गई है। साथ ही उन्होंने बताया कि बालिका पूजन देश में सुख-शांति एवं समृद्धी की कामना को लेकर किया गया। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा बालिकाओं का पूजन कर, उनके तिलक लगाकर उन्हें शिक्षण के साथ श्रृंगार सामग्री भेंट कर बालिकाओं से आशीर्वाद लिया एवं बालिकाओं को भोजन प्रसादी ग्रहण करवाई गई। इससे पूर्व यज्ञाचार्य प्रह्लादराम तावणीया ने विधि पूर्वक मंत्रोच्चारणों के साथ दो हजार पांच सौ इक्यावन आहुति देकर यज्ञ संपन्न करवाया।

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