बीकानेर/मुंबई: अभी पूरे देश भर में सिने अभिनेता राजपाल यादव का प्रकरण सुर्खिया बटोर रहा है। राजपाल यादव को सहानुभूति भी मिल रही है तथा अनेक सिने अभिनेता उसकी मदद के लिए आगे भी आए हैं, मगर यह सच है कि वह पिछले 15 सालों से 7 करोड़ 50 लाख रुपए चुका नहीं पा रहे हैं, जो उन्होंने उधार लिए थे। उनके अनेक चेक बाउंस हो गए हैं, इसलिए उन्हें 5 फरवरी से 16 फरवरी तक तिहाड़ की जेल में बंद भी रहना पड़ा, पर सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इस अभिनेता को पैसों की इतनी सख्त जरूरत कैसे पड़ी तथा इसने किन लोगों को चेक दिए थे, जो बाउंस हो गए थे। क्या उन्होंने कहीं पैसा निवेश किया था या कोई बड़ी रकम उन्होंने उधार ली थी।
*अपने शहर के मौजीज व्यापारी से लिए थे 5 करोड़*
अभिनेता राजपाल यादव ने 2010 में तत्कालीन सांसद मिथिलेश कुमार सिंह के जरिए अपने होमटाउन शाहजहांपुर निवासी माधव गोपाल अग्रवाल से एक बार 5 करोड़ तथा कुछ माह के अंतराल के बाद ढाई करोड रुपए उधार लिए थे। बदले में उन्होंने अलग-अलग सालों के चेक अग्रवाल को दिए थे। इन्होंने अता-पता-लापता नामक एक फिल्म निर्माण का काम हाथ में ले रखा था और इसीलिए राजपाल यादव को 5 करोड रुपए की सख्त जरूरत थी। निर्धारित तिथि तक दोनो चेक बाउंस हो गए। तब माधव गोपाल अग्रवाल अपने सांसद को लेकर इनसे मिलने मुंबई गए और और वह बहुत गिड़गिड़ाए, मगर फिर इन्होंने एक सप्लीमेंट ट्री एग्रीमेंट कर लिया कि जल्द ही वह ब्याज सहित समस्त बकाया अदा कर देंगे, मगर 5 सालों तक एक के बाद एक कुल तीन सप्लीमेंट्री एग्रीमेंट कर लिए, मगर उन्होंने किसी तरह का बकाया नहीं चुकाया। यहां तक की माधव गोपाल अग्रवाल रोने भी लग गए, मगर फिर भी इनका दिल नहीं पसीजा।
*2015 में भी इसी प्रकरण में जा चुके है जेल*
इस पर माधव गोपाल अग्रवाल ने दिल्ली हाईकोर्ट में अपने वकील के जरिए राजपाल यादव के खिलाफ एक मुकदमा पेश किया। लगातार कई तारीखों के बाद एक रोज दोनों पक्ष कोर्ट में उपस्थित हुए। इस मामले में सह अभियुक्त राजपाल यादव की पत्नी राधा यादव भी थी। वह उस दिन दिल्ली आई नहीं थी, मगर फिर भी राजपाल यादव ने कोर्ट में झूठ बोला कि उसकी पत्नी बाहर बच्चे को दूध पिला रही है। जब इसकी छानबीन हुई तो पता चला कि राधा यादव दिल्ली के बजाय मुंबई में है। इससे जज भड़क गए और उन्होंने कोर्ट को गुमराह करने के जुर्म में राजपाल यादव को जेल भेज दिया।
*म्यूजिक लॉन्च होने पर दायर किया दूसरा मुकदमा*
राजपाल यादव ने पीड़ित माधव गोपाल अग्रवाल से कुल तीन सप्लीमेंट्री एग्रीमेंट किए थे, जिसमें यह शर्त थी कि वह निर्माणाधीन फिल्म के नेगेटिव अग्रवाल को सौंपेंगे तथा फिल्म व म्यूजिक रिलीज होने से पहले उन्हें पेमेंट कर देंगे, मगर राजपाल ने अमिताभ बच्चन के हाथों म्यूजिक लॉन्च कर दिया और इसकी जानकारी अग्रवाल को नहीं दी, इस पर अग्रवाल ने एग्रीमेंट की शर्तों का उल्लंघन करने के आरोप में एक नया मुकदमा पुन दायर कर दिया।
*15 साल बाद भी नही चुकाए साढ़े 7 करोड़*
राजपाल यादव ने माधव गोपाल अग्रवाल से 2010 में दो चरणों में कुल 7 करोड़ 50 लाख रुपए लिए थे, मगर 2025 तक किसी तरह का भुगतान नहीं किया था। अब 15 साल बाद इस मामले में राजपाल यादव को सजा सुनाई गई है और वह तिहाड़ जेल में बंद है। हालांकि दिल्ली हाईकोर्ट की एकल पीठ ने 16 फरवरी को ही राजपाल यादव के एक प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए उनकी सजा 18 मार्च तक निलंबित की है। अब 18 मार्च को इस मामले की पुनः सुनवाई होगी। उसके बाद ही पता चलेगा कि यह सजा स्थाई रूप से रहेगी या वह जेल से बाहर आ जाएंगे क्योंकि राजपाल यादव विगत 5 फरवरी से लगातार तिहाड़ जेल में बंद थे। गत 17 फरवरी को जमानत मिलने पर बाहर आये हैं। अब इस मामले की अगली सुनवाई 18 मार्च को होगी।