बीकानेर। भीनासर स्थित गोचर भूमि पर लंबे समय से किए जा रहे अवैध कब्जों को लेकर प्रशासन की निष्क्रियता के बाद रविवार को ग्रामीणों का सब्र टूट गया। अमावस्या के दिन सैकड़ों ग्रामीण एकजुट हुए और गोचर भूमि पर पट्टी-टुकड़ा रोपकर किए गए सभी अवैध कब्जों को स्वयं हटाया।
बताया जा रहा है कि भीनासर गोचर भूमि के बड़े भू-भाग पर गौशाला के नाम पर पट्टी-टुकड़ा रोपकर अवैध कब्जा किया गया था। इस संबंध में काफी समय से ग्रामीणों में रोष व्याप्त था। मामले को लेकर सोशल मीडिया के साथ-साथ प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में लगातार समाचार प्रकाशित हुए। बीकानेर भास्कर सहित अनेक समाचार पोर्टलों पर यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया, बावजूद इसके प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
प्रकरण को लेकर अधिवक्ता कैलाश सियाग द्वारा जिला कलेक्टर बीकानेर एवं गंगाशहर थानाधिकारी को लिखित रूप से अवगत कराते हुए अवैध कब्जों पर कार्रवाई की मांग की गई थी, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन मौन बना रहा।
रविवार को स्थिति तब बदली जब भीनासर के ग्रामीण बड़ी संख्या में गोचर भूमि पर पहुंचे और वहां लगाए गए सभी पट्टी-टुकड़ों को उखाड़ते हुए अवैध कब्जों को पूरी तरह हटा दिया। ग्रामीणों ने स्पष्ट संदेश दिया कि गोचर भूमि और गौ माता की भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए मांग की कि गोचर भूमि की स्थायी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा भविष्य में दोबारा किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को रोका जाए, अन्यथा आंदोलन और तेज किया जाएगा।