अलवर: जिले के राजगढ़ थाना क्षेत्र के मूनपुर गांव में बालाजी मंदिर के समीप पहाड़ियों से खुलेआम अवैध पत्थर खनन किया जा रहा है। सुबह होते ही पहाड़ों से पत्थर निकालने का सिलसिला शुरू हो जाता है, जिससे पहाड़ लगातार छलनी होते जा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि यह अवैध गतिविधि लंबे समय से जारी है, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। अवैध खनन से निकाले गए पत्थर और बजरी से भरे ओवरलोड ट्रैक्टर माचाड़ी तिराहा और रैणी के भूड़ा तिराहा होते हुए बेखौफ गुजरते हैं। न तो वन विभाग और न ही पुलिस की ओर से इन वाहनों पर कोई प्रभावी निगरानी दिखाई दे रही है। इससे साफ है कि खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं।
हाल ही में राजगढ़ के समीप बारां का बास क्षेत्र में अवैध खनन सामग्री से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली का पुलिस ने पीछा किया तो खनन माफियाओं ने एक मकान का डंडा तोड़ दिया। इस दौरान तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से तीन बकरियों की कुचलकर मौत हो गई। इस घटना के बाद भी अवैध खनन पर कोई सख्त कदम नहीं उठाए जाने से ग्रामीणों में भारी रोष है।
ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर राज्य सरकार अवैध खनन के खिलाफ सख्ती के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है। अवैध खनन से पर्यावरण को नुकसान के साथ-साथ लोगों की जान-माल भी खतरे में पड़ रही है। इस संबंध में एडिशनल एसपी शरण कमले ने कहा कि जिले में अवैध खनन करने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। अलवर पुलिस घटनाओं की जानकारी जुटा रही है और आने वाले समय में सख्त अभियान चलाकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।