बीकानेर। अब गोचर पूर्णत: अपने स्वरूप में ही रहेगी, अब इस पर जिला प्रशासन, बीडीए का भी अधिकार नहीं रहेगा तथा केवल राज्य सरकार ही इसके लिए अधिकृत रहेगी। उक्त निर्णय का उल्लेख सर्किट हाउस में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारीलाल बिश्नोई ने किया। प्रेसवार्ता के राष्ट्रीय संत श्री सरजूदासजी महाराज को एक पत्र सौंपते हुए बिहारीलाल बिश्नोई ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं गौमाता के महत्व को समझते हैं और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए गोचर भूमि को बीडीए के अधिकार क्षेत्र से मुक्त कर दिया गया है, यानि अब गोचर भूमि पर बीडीए कोई हस्तक्षेप नहीं करेगी। बिश्नोई ने बताया कि मास्टर प्लान-2043 के तहत अधिकांश आपत्तियां राजस्व ग्राम सरह नथानिया, सुजानदेसर, भीनासर एवं उदयरामसर की लगभग 5418 हैक्टेयर चारागाह, गोचर भूमि को शहरीकरण योग्य क्षेत्र 2043 में शामिल किए जाने से संबंधित रही। जनभावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए उक्त भूमि को विशेष परिधिय क्षेत्र में चिह्नित किया जाए। उक्त भूमि पर बीकानेर विकास प्राधिकरण द्वारा राज्य सरकार की अनुमति के बिना किसी भी प्रकार के कार्य अथवा किस्म परिवर्तन नहीं किए जा सकेंगे। उन्होंने बताया कि जो गोचर भूमि बीडीए के नाम दर्ज हो गई है वो पुन: एक नम्बर खाता राज्यसरकार के नाम दर्ज होगी। मास्टर प्लान में गोचर भूमि का भू-उपयोग आवासीय और वाणिज्यिक इत्यादि हटा दिया गया। बिश्नोई ने बताया कि आगामी फरवरी माह में मुख्यमंत्री संत समाज व गोचर संरक्षक दल से मुलाकात करेगी और बीकानेर की गोचर में गौअभ्यारण्य बनाने, अधिक संख्या में पेड़-पौधे लगवाने सहित अन्य गोचर संबंधी विकास कार्यों के बारे में सुझाव भी लेंगे। प्रेसवार्ता को विधायक सिद्धि कुमारी, विधायक जेठानन्द व्यास, खाजूवाला विधायक डॉ. विश्वनाथ मेघवाल, कोलायत विधायक अंशुमान सिंह भाटी एवं श्रीडूंगरगढ़ विधायक ताराचन्द सारस्वत तथा भाजपा शहर जिलाध्यक्ष सुमन छाजेड़ एवं देहात जिलाध्यक्ष श्याम पंचारिया ने भी सम्बोधित किया। सर्किट हाउस में आंदोलन के संयोजक शिव गहलोत, पं. राजेंद्र किराडू, सूरजमाल सिंह नीमराना, योगेश गहलोत, महेंद्र किराडू, सूरजप्रकाश राव, दुर्गासिंह शेखावत, कैलाश सोलंकी, मनोज सेवग, कन्हैयालाल भाटी, निर्मल शर्मा, विजय थानवी, यशविंदर चौधरी, महेंद्र परिहार, धनपत मारू, अशोक उपाध्याय, नवरत्न शर्मा, धर्मेंद्र सारस्वत, मुरली गहलोत, रॉयल बन्ना, जेडी प्रजापत, लक्ष्मण उपाध्याय, नवरत्न उपाध्याय, मुरली गहलोत, पवन भाटी, श्रवण सिंह खारा एवं मनीष ओझा आदि उपस्थित रहे।
*संघर्ष की जीत हुई, धन्यवाद मुख्यमंत्रीजी*
राष्ट्रीय संत श्री सरजूदासजी महाराज ने मीडिया को सम्बोधित करते हुए कहा कि गोचर-ओरण संरक्षण के मुद्दे पर जो 27 जनवरी 2026 को महापड़ाव प्रस्तावित था वह अब स्थगित कर दिया गया है। महामंडलेश्वर श्री सरजूदास जी महाराज ने बताया कि भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारीलाल बिश्नोई एवं बीकानेर के पांचों विधायकों ने गोचर के मुद्दे को प्राथमिकता देते हुए सीएम तक हमारी आवाज पहुंचाई। आदेश के मुताबिक अब गोचर अपने स्वरूप में रहेगी उसमें किसी प्रकार का हस्तक्षेप करने के लिए बीडीए एवं जिला प्रशासन अधिकृत नहीं रहेगा। श्री सरजूदास जी महाराज ने कहा कि हमारी लड़ाई कभी भी किसी भी राजनैतिक पार्टी से नहीं थी, हम केवल उसके विरोधी हैं जो गोचर को उजाडऩे की सोचेगा। सरकार की नीतियों में बीडीए को शहर के विकास का जिम्मा सौंपा गया था, लेकिन उस विकास में गोचर को उजाडऩे का कार्य हो रहा था उसका हम विरोध कर रहे थे। श्री सरजूदासजी महाराज ने सीएम भजनलाल शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारीलाल बिश्नोई एवं पांचों विधायकों का धन्यवाद व्यक्त किया तथा गोचर-ओरण संरक्षण के पदाधिकारियों, गौसेवकों, संत समाज एवं सभी साथियों का आभार जताया जिन्होंने गोचर-ओरण संरक्षण में अपनी भागीदारी निभाई।
*पांच माह से भिक्षा यात्रा, हवन-अभिषेक प्रयोजन हुए सार्थक*
सर्किट हाउस में आयोजित प्रेसवार्ता के बाद सभी चेहरे उत्साह में नजर आए और गौमाता के जयकारे गूंजने लगे। गौसेवक शिव गहलोत ने बताया कि जब तक सूरज-चाँद रहेगा तब तक गोचर अपने स्वरूप में ही रहेगी। गोचर ओरण संरक्षण संघ राजस्थान (बीकानेर) एवं अखिल भारतीय गोवंश, गोचर संरक्षक संस्थान बीकानेर एवं अखिल भारतीय संत समिति के पदाधिकारियों व संत समाज तथा पूरे बीकानेरवासियों ने गोचर के संरक्षण में अपनी भागीदारी निभाई। पांच माह से भिक्षा यात्रा, हवन, अभिषेक सहित अनेक प्रयोजन गोचर संरक्षण हेतु किए गए जो सार्थक साबित हुए।