निवाई (लालचंद सैनी): क्षेत्र में राजस्व रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ करने का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। राजस्व रिकॉर्ड से संबंधित अधिकारियों एवं पटवारियों पर से क्षेत्र के किसानों का विश्वास उठता जा रहा है। यह कहना क्षेत्र के लोगों के लिए अतिश्योक्ति नहीं होगा। गांव झिलाय में खसरा का स्थान बदलने को लेकर क्षेत्र के किसानों में भय का माहौल बना हुआ है बताया जाता है कि खसरा नंबर 941/2 सरकारी भूमि का खसरा है, जिसके स्थान पर राजस्व अधिकारियों द्वारा खातेदार का नंबर 941/1 को बिठा दिया गया है जबकि 941/1 के स्थान पर सरकारी भूमि के खसरा नंबर 941/2 को बिठा दिया गया है। जिससे गांव में लड़ाई-झगड़े का माहौल बना हुआ है। बताया जाता है कि इस पूरे खेल को करवाने के पीछे बड़े भूमाफियाओं का हाथ लग रहा है।
*सवालों के घेरे में अफसर*
आखिर उपखंड एवं तहसील प्रशासन द्वारा इस प्रकार से राजस्व रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ क्यों किया जाता है, यह बात क्षेत्र का प्रत्येक किसान वर्ग जानने के लिए उत्सुक है लेकिन यह साफ नजर आने लग गया है कि क्षेत्र में अफसरशाही हावी हो रखी है, जिससे राजनीति बौनी साबित हो रही है पूर्व में भी इस तरह का मामला सामने आ चुका है। दशहरा मैदान निवाई के पास भी राजस्व प्रशासन द्वारा खसरे का स्थान बदला गया था लेकिन शिकायतों के बाद उसको वापस पूर्व की स्थिति में कर दिया गया है
*आरोपो के कटघरे में राजस्व प्रशासन*.
उपखंड एवं तहसील प्रशासन पर पूर्व में भी कई तरह के आरोप लग चुके हैं। बताया जाता है कि निवाई दशहरा मैदान के पास दोनों खसरे सटाकर है एक पर प्रशासन द्वारा 177 की कार्रवाई की गई जबकि दूसरे पर केवल खानापूर्ति की कार्रवाई की गई। लोगों द्वारा आरोप लगाया जाता है कि प्रशासन की जिनसे सेटिंग बैठ जाती है, उन पर फोरी कार्रवाई की जाती है और जिनसे सेटिंग नहीं बैठती है, उन पर भारी कार्रवाई की जाती है।