बीकानेर: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कृषि आधारित उधोगों को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि किसानों की तकदीर भी बदले और तस्वीर भी। उन्होंने कहा कि अभी हाल ही में यूरोपियन यूनियन के साथ हुए समझौते से उद्योग और किसान दोनों को फ़ायदा मिलेगा। चौहान बुधवार शाम को बीकानेर-जोधपुर हाइवे पर डॉ.अशोक धारणियाँ के फ़ार्म हाउस पर आयोजित कृषि आधारित उद्योग के उद्यमियों एवं प्रगतिशील किसानों के साथ आत्मीय संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। चौहान ने कहा कि स्थानीय माटी और पानी की उपलब्धता के हिसाब से खेती को कैसे फायदेमंद बनाया जाए, इस पर रिसर्च किया जा रहा है। इंटीग्रेटेड खेती के ज़रिए भी खेती को फायदे बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मंडी टैक्स दो जगह ना लगे, इसको लेकर भी विचार विमर्श किया जाएगा।
इससे पूर्व कार्यक्रम में जयकिशन अग्रवाल, गजेन्द्र पारख, शिव करण डेलू, महेंद्र पारख, सुरेन्द्र भट्टड़ इत्यादि ने कृषि आधारित को आ रही समस्याओं के बारे में बताया। डबल मंडी टैक्स खत्म करने और मोठ फसल को एमएसपी में शामिल करने की बात कही।
इससे पूर्व कार्यक्रम के शुरुआत में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा का साफा, शॉल, बुके भेंटकर स्वागत सत्कार किया गया। डॉ.अशोक धारणियाँ ने स्वागत भाषण एवं लालेश्वर महादेव मंदिर के महन्त स्वामी विमर्शानंद ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में मंच संचालन चंद्र शेखर श्रीमाली ने किया। कार्यक्रम में विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के चेयरमैन राम गोपाल सुथार, श्रीमती सुमन छाजेड़, श्याम पंचारिया, राजाराम धारणियाँ, हरि राम धारणियाँ, डीपी पचीसिया, जुगल राठी, हेमंत दाधीच, मोहन दुसाद, जय दयाल डूडी समेत बड़ी संख्या में उद्यमी और किसान मौजूद रहे।