नगर निगम हैरिटेज के सीजर आदेश के बाद अधूरी कार्यवाही

AYUSH ANTIMA
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जयपुर: रिहायशी बिल्डिंग 437 के 401 चौथी मंजिल और 101, 102, 103 ग्राउंड फ्लोर में पिछले 5 साल से व्यावसायिक गतिविधियों के अन्तर्गत आभूषण रत्न और एक्सपोर्ट आर्टिकल के कारखाने चल रहे है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि इस बाबत वर्ष 2023 नगर निगम हेरिटेज में (शिकायत संख्या 1012413466) और संबंधित थाने में (शिकायत संख्या 278770342300089) दर्ज करवाई गई थी। उक्त शिकायतों पर ठोस कार्यवाही नहीं की गई, लीपापोती का प्रयास किया जा रहा है, सिर्फ कागजी कारवाही करने के लिए बिल्डिंग के बाहर की दुकान को सीज किया गया, जिसकी हमने शिकायत भी नहीं की थी। नगर निगम हैरिटेज, आदर्श नगर जोन, उपायुक्त द्वारा हमारे उक्त भूखण्ड़ पर व्यवसायिक गतिविधियां संचालित करने के विरूद्ध नोटिस पत्र क्रमांक 125 दिनांक 28.05.2024 जारी किया गया। उसके बावजूद भी भवन स्वामी निरन्तर व्यवसाय कार्य करते जा रहे है। फिर पुनः नगर निगम हैरिटेज, आदर्श नगर जोन, उपायुक्त द्वारा एक पत्र जारी क्रमांक 138 दिनांक 31.05.2024 को उक्त भूखण्ड़ पर व्यवसायिक गतिविधियों को राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 की धारा 194 (7) (एफ) के अन्तर्गत बिना स्वीकृति निर्माण व व्यवसायिक को 180 दिवस में सीज किया जाना होता है, जबकि उक्त स्थान पर अन्तिम नोटिस देने के पश्चात् भी प्रथम ग्राउंड फ्लोर और फोर्थ फ्लोर पर चल रहे व्यवसायिक गतिविधियों को सीज नही किया गया और अधिकारियों एवं कर्मचारी द्वारा स्पष्ट रूप से लापरवाही सांठ-गांठ एवं अनियमितता बरती गई। दिनांक 31.03.2025 को एक अंजान व्यक्ति द्वारा बिल्डिंग परिसर में चौरी की गई, वही अंजान व्यक्ति चल रही व्यवसायिक कारखानों में कार्य के लिए आया था। उक्त परिसर में रह रहे रिहायसी लोगी सुरक्षा, सफाई को लेकर लगातार नगर निगम एवं अन्य विभागों में शिकायत कर रहे है परन्तु अधिकारी एवं कर्मचारी निरीक्षण के लिए उक्त परिसर में आते है और व्यवसायिक कार्य कर रहे व्यापारियों से मिलकर चले जाते है परन्तु आज दिनांक तक कोई संतुष्टजनक कार्यवाही नही हुई। विद्युत विभाग को भी आवासीय में व्यावसायिक कार्य किए जा रहे हैं। उक्त परिस्थितियों से अवगत करवाया गया परन्तु वह अधिकारी भी व्यवसायिक कार्य कर रहे व्यापारियों से मिलकर चले जाते है और कोई कार्यवाही नही करते है, जिससे राजस्व का भी हनन हो रहा है। क्या, सरकार, अधिकारी एवं कर्मचारी किसी बड़े हादसे होने का इंतजार कर रहे है क्योंकि परिसर में रहने वाले लोगो को जान-माल का खतरा बना रहता है और वहां पर व्यवसायिक कार्य होने के कारण हर प्रकार के लेबर/अन्य लोगो का आना जाना रहता है, जिनका कोई ब्योरा नही रहता है और इस बात पर और पार्किंग की बात पर कई बार व्यवसायिक लोगो से झगड़े भी होते रहते है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उक्त चल रहे आवासीय परिसर में व्यवसायिक कारखानें को जल्द से जल्द सीज करने की कृपा करें, जिससे उक्त परिसर में रहने वाले लोगो को राहत मिलें।
पार्किंग समस्या से लोग परेशान, स्थिति यह है कि आवासीय परिसर में व्यावसायिक गतिविधियों के चलते यहां पार्किंग व्यवस्था बदहाल है। आए दिन पार्किंग को लेकर कहा सुनी हो जाती है। कर्मचारियों की लीपा पोती है।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि नगर निगम से दुकानों को सीज के अंतिम नोटिस मिलने के बाद अब तक दुकानों को सीज नहीं किया गया है। इससे स्थानीय लोगों में भारी रोष व्याप्त है। इस सम्बन्ध में स्थानीय लोगों ने नगर निगम, यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा को भी शिकायत की गई लेकिन सुनवाई नहीं हुई। स्थानीय लोगों ने कहा कि अगर यहां चल रही दुकानों को तत्काल सीज नहीं किया तो लोग नगर निगम पर धरना-प्रदर्शन करेंगे।

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