मूसी महारानी की छतरी पर टिकट वसूली, सुविधाएं नदारद: पर्यटन विभाग की उदासीनता उजागर

AYUSH ANTIMA
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अलवर: पर्यटन को बढ़ावा देने के बड़े-बड़े दावे करने वाला पर्यटन विभाग अलवर स्थित ऐतिहासिक मूसी महारानी की छतरी के रख-रखाव के प्रति गंभीर नजर नहीं आ रहा है। हालात यह है कि यहां पर्यटकों से प्रवेश के नाम पर पूरा टिकट शुल्क तो वसूला जा रहा है, लेकिन बदले में उन्हें बुनियादी सुविधाएं तक नसीब नहीं हो रही हैं। परिसर में साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब है। जगह-जगह गंदगी फैली हुई है, जबकि शौचालय और पीने के पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं या तो बंद पड़ी हैं या बेहद जर्जर हालत में हैं। इससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पर्यटकों का कहना है कि उनसे पूरा शुल्क लिया जा रहा है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं है। उनका कहना है कि इतनी महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहर की यह हालत बेहद दुखद है। यदि सही ढंग से रख-रखाव किया जाए तो यह स्थल पर्यटन की दृष्टि से और अधिक आकर्षक बन सकता है, लेकिन विभाग की उदासीनता के कारण इसकी पहचान धीरे-धीरे धूमिल होती जा रही है। पर्यटकों ने मांग की है कि सरकार को पहले व्यवस्थाएं दुरुस्त करनी चाहिए, उसके बाद ही टिकट शुल्क वसूला जाना चाहिए। अब बड़ा सवाल यह है कि जब सुविधाएं ही नदारद हैं, तो आखिर पर्यटकों से किस बात का शुल्क लिया जा रहा है। देखना यह होगा कि पर्यटन विभाग इस बदहाली पर कब तक आंखें मूंदे रखता है और कब सुधार की दिशा में ठोस कदम उठाता है।
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