जयपुर: राजस्थान विश्वविद्यालय में हाल ही में की गई एक नियुक्ति को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा बिना पुष्टि (कन्फर्मेशन) वाले असिस्टेंट प्रोफेसर प्रतिभा सिंह रतनू को खेल सचिव नियुक्त किए जाने पर शिक्षकों और खेल जगत से जुड़े लोगों में असंतोष देखा जा रहा है। नियमानुसार, विश्वविद्यालय जैसे बड़े शैक्षणिक संस्थान में खेल सचिव जैसे महत्वपूर्ण पद पर नियुक्ति के लिए अनुभव, प्रशासनिक दक्षता और पद की पुष्टि जैसी शर्तों का पालन आवश्यक माना जाता है। ऐसे में बिना कन्फर्म असिस्टेंट प्रोफेसर को यह जिम्मेदारी सौंपे जाने को लेकर नियमानुसार प्रक्रिया अपनाने पर सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि यह पद न केवल खेल गतिविधियों के संचालन से जुड़ा है, बल्कि विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा और खिलाड़ियों के भविष्य से भी सीधा संबंध रखता है। ऐसे में नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता और नियमों का पालन बेहद जरूरी है। इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अभी तक कोई स्पष्ट आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं, कई शिक्षक संगठनों और खेल से जुड़े जानकारों ने मांग की है कि नियुक्ति प्रक्रिया की जांच की जाए और नियमों के अनुसार ही पदस्थापना की जाए। पूर्व में भी फिजिकल एजुकेशन स्पोर्ट्स बोर्ड तलवार से केक काटने ओर डोपिंग इंजेक्शन मामले में विवादों में आ चुका है।
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