भारतीय इतिहास में एक ऐसा नाम, जिसको हिन्दुत्व हृदय सम्राट के नाम से भी जाना जाता है। वह नाम था बाला साहेब ठाकरे। लगभग 46 साल के अपने सार्वजनिक जीवन में रहे शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने कभी भी न तो कोई चुनाव लड़ा और न ही कोई राजनीतिक पद स्वीकार किया। उनका राजनीतिक सफर बहुत ही अनोखा था। एक उच्च स्तरीय कार्टूनिस्ट बतौर अपने कैरियर की शुरुआत करने वाले बाला साहेब ने 1966 में शिवसेना का निर्माण किया। वे शिवसेना के अखबार सामना के संस्थापक थे, जो मुखर होकर हिन्दुत्व की आवाज उठाने के लिए प्रसिद्ध है। 1992 का वह दौर जब अयोध्या का विवादित ढांचा गिराया गया था, उस समय देश के किसी भी राजनीतिक दल ने जो खुद को हिन्दुत्व का प्रबल समर्थक होने का दावा करते हैं, इसकी जिम्मेदारी नहीं ली लेकिन हिन्दू शेर बाला साहेब ने रजत शर्मा द्वारा आयोजित आपकी अदालत में जब उनसे सवाल पूछा गया तो उन्होंने छाती ठोकते हुए कहा था कि हां उस ढांचे को शिव सैनिकों ने गिराया था और मुझे उसका अभिमान है। इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि हिन्दू अब मार नहीं खायेंगे, उनको हम अपनी भाषा में ही जबाब देंगें।
बालासाहेब ने जो कहा वह किया, मातोश्री से कभी भी बाहर नहीं आए, जैसा आजकल राज्यों के नेता दिल्ली दौड़ लगाते हैं। भाजपा के दिग्गज नेता मातोश्री में ही जाकर उनसे मंत्रणा करते थे। पाकिस्तान के साथ भारत के कभी भी मधुर संबंध नहीं रहे क्योंकि पाक आतंकवाद की फैक्ट्री थी। बाला साहेब पाक के विरुद्ध मुखर होकर बोलते थे। यहां तक उन्होंने पाक के साथ क्रिकेट मैच भी मुम्बई में नहीं होने दिया। आज के परिवेश मे जो राजनीतिक दल कुर्सी की खातिर हिन्दुत्व की बलि दे देते हैं, उनके लिए बालासाहेब एक नजीर थे, जिन्होंने कभी भी सत्ता को हिन्दुत्व से उपर नहीं समझा। हिन्दुत्व की बैसाखी पर चढ़कर सत्ता प्राप्त करने वाले दलों के लिए नसीहत ही थी कि उन्होंने कहा था कि बाबरी मस्जिद के गिराए जाने के समय की राजनीति के बढ़ने का दौर था और हम लोग महाराष्ट्र में ही रह गये। अगर हिन्दुत्व की राजनीति का फायदा उठाया होता तो हम लोग भी दिल्ली में होते। उनके यह विचार इस बात को इंगित करते हैं कि उन्होंने हिन्दुत्व की राजनीति सत्ता के लिए नहीं बल्कि विशुद्ध रूप से हिन्दुत्व के लिए ही की तभी बाला साहेब को हिन्दुत्व हृदय सम्राट कहा जाता है।
*आयुष अंतिमा (हिन्दी समाचार पत्र) परिवार की तरफ से हिन्दुत्व हृदय सम्राट बाला साहेब के जन्मदिन पर सादर श्रद्धांजलि।*