आंकड़ों के आईने में बीकानेर रेंज: अपराध घटे, लेकिन खतरे की लकीरें अब भी गहरी

AYUSH ANTIMA
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बीकानेर(नारायण उपाध्याय)। बीकानेर रेंज के वर्ष 2025 के अपराध आंकड़े पहली नजर में राहत देने वाले हैं, लेकिन गहराई से देखने पर तस्वीर कई सवाल भी खड़े करती है। आंतरिक पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2024 की तुलना में 2025 में भारतीय दंड संहिता के तहत दर्ज कुल अपराधों में 8.76 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। हालांकि यह गिरावट हर श्रेणी में समान नहीं है।
हत्या, लूट और चोरी जैसे संगीन अपराधों में स्पष्ट कमी आई है। वर्ष 2024 में जहां हत्या के 232 मामले दर्ज हुए थे, वहीं 2025 में यह संख्या घटकर 161 रह गई। लूट के मामलों में लगभग आधी गिरावट दर्ज हुई, जबकि चोरी के मामलों में 43 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है। कुल मिलाकर भादंसं के मामले 20,540 से घटकर 18,741 पर आ गए।
लेकिन महिला अपराधों और नशे से जुड़े मामलों में तस्वीर उतनी सहज नहीं है। दहेज मृत्यु, आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण और दुष्कर्म (बालिका/नाबालिग) जैसे मामलों में कमी जरूर आई है, पर छेड़छाड़, अपहरण-व्यपहरण और महिला उत्पीड़न के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह संकेत देता है कि अपराध का स्वरूप बदल रहा है, पूरी तरह खत्म नहीं हो रहा।
नशे के खिलाफ कार्रवाई के आंकड़े बताते हैं कि समस्या गहराई तक फैली हुई है। वर्ष 2025 में एनडीपीएस एक्ट के तहत 1544 प्रकरण दर्ज किए गए और 2369 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। भारी मात्रा में डोडा पोस्त, अफीम, गांजा, हेरोइन, एमडी और अन्य सिंथेटिक ड्रग्स की बरामदगी यह बताती है कि बीकानेर रेंज अब केवल उपभोग क्षेत्र नहीं, बल्कि तस्करी का ट्रांजिट ज़ोन भी बन चुकी है। सीमा क्षेत्र में ड्रोन के जरिए तस्करी के मामलों का सामने आना नई चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।
अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में भी 16 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है, लेकिन हत्या और दुष्कर्म जैसे मामलों का पूरी तरह समाप्त न होना सामाजिक तनाव की मौजूदगी को दर्शाता है।
सड़क हादसों के आंकड़े दोहरी तस्वीर पेश करते हैं। दुर्घटनाओं की कुल संख्या में कमी जरूर आई है, लेकिन मृतकों की संख्या में बढ़ोतरी चिंता का विषय बनी हुई है। अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेस-वे और भारतमाला मार्ग पर हुई दुर्घटनाएं विशेष रूप से घातक साबित हुईं।
कुल मिलाकर, बीकानेर रेंज के 2025 के आंकड़े राहत और चेतावनी दोनों साथ लेकर आते हैं। अपराध में गिरावट सकारात्मक संकेत है, लेकिन नशा, महिला सुरक्षा और सड़क हादसे आने वाले समय की बड़ी चुनौती बने हुए हैं।

डेटा-ग्राफ 
संगीन अपराध (2024 बनाम 2025)

हत्या: 232 → 161
हत्या का प्रयास: 334 → 256
लूट: 103 → 54
चोरी: 3831 → 2170
नकबजनी: 978 → 770

कुल अपराध (भादंसं)

2024: 20,540 मामले
2025: 18,741 मामले
कुल कमी: 8.76%

महिला अपराध (चयनित श्रेणियां)
दहेज मृत्यु: 44 → 35
आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण: 15 → 11
दुष्कर्म (बालिका): 596 → 486
दुष्कर्म (नाबालिग): 218 → 202
छेड़छाड़/अपहरण: वृद्धि दर्ज

नशे के खिलाफ कार्रवाई (2025)

एनडीपीएस प्रकरण: 1544
गिरफ्तार आरोपी: 2369
डोडा पोस्त: 20,142 किलो
अफीम: 207 किलो
गांजा: 390 किलो
हेरोइन/एमडी: 50+ किलो

सड़क हादसे

कुल दुर्घटनाएं: 1778 (3.73% कमी)
मृतक: 1239 (10.32% वृद्धि)
घायल: 1776 (3.79% कमी)h

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