खुला विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह संपन्न

AYUSH ANTIMA
By -
0


कोटा (श्रीराम इंदौरिया): वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय का 18वां दीक्षांत समारोह गुरूवार, 22 जनवरी 2026 को संपन्न हुआ। यह समारोह परिसर स्थित संत सुधासागर सभागार में हुआ। समारोह की अध्यक्षता माननीय राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे ने की। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि सभी विद्यार्थी अपने शिक्षकों का सम्मान करें।


 समावर्तन संस्कार के बारे में उन्होंने कहा कि डिग्री पाने के बाद देशहित में कार्य करें। उन्होंने शिक्षकों को नसीहत देते हुए कहा कि अपने ज्ञान को अपडेट करते रहें और देश में प्रतिभाओं को बढ़ाने पर जोर दें, क्योंकि शिक्षा को जीवन से जोड़ेंगे तभी उसका सही उपयोग हो सकेगा। श्री बागडे ने कहा कि केवल किताबी ज्ञान ही जरूरी नहीं बल्कि अन्य किताबों का भी अनुसरण करें, जिससे बाहरी समाज की समझ विकसित होगी। कुलाधिपति ने महर्षि अरविंद, टैगोर, राधाकृष्णन और आप्टे के विचारों को भी सभी के सामने रखा। उन्होंने कहा कि शिक्षा को ताकत बनाओ तो आपकी मजबूती परवान चढ़ेगी। उन्होंने कहा कि हमें राष्ट्र को सर्वोपरि रखना होगा और अपने विद्यार्थियों की चिंता करनी होगी। श्री बागडे ने अमेरिका का उदाहरण दिया कि वहां की सिलिकान वैली में 70 फीसदी भारतीय काम करते हैं और अपनी मेधा का लोहा मनवाया। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद अमेरिका और अच्छे लोगों की डिमांड करता है। श्री बागडे ने विवेकानंद के विचारों पर फोकस करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं को गीता पढ़नी चाहिए। अंत में राज्यपाल ने युवाओं से आग्रह किया कि वह डिग्री लेकर आगे आरपीएससी और यूपीएससी की तैयारी करें तथा देश की सेवा में भाग लें। उन्होंने कहा कि अच्छा पढ़ो और अच्छा बनो तथा देश के लिए समर्पित होकर विकसित भारत के सपने को साकार करो। उप-मुख्यमंत्री व उच्च शिक्षा मंत्री डॉ.प्रेमचंद बैरवा ने प्रदेश में कौशल विकास वाली शिक्षा पर जोर दिया। उन्होंने वीएमओयू की तारीफ करते हुए कहा कि इस विश्वविद्यालय ने राज्यस्तरीय पीटीईटी, डीएलएड जैसी परीक्षाओं को दो बार संपन्न कराकर अपनी मजबूती का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि आज के युवा जो डिग्री पा रहे हैं, वे जीवन के किसी क्षेत्र में नौकरी करें अपनी ईमानदारी को बनाए रखें। पीडब्लूडी व महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री डॉ.मंजू बाघमार ने कहा सच्ची शिक्षा वही है, जो सेवा दे सके। भारतीय ज्ञान परंपरा के बारे में डॉ.बाघमार ने कहा कि इसके हर क्षेत्र में भारत ने नाम कमाया है। इसी से भारत विश्व को दिशा देने वाला राष्ट्र बनेगा। उन्होंने कहा कि हमें अपने इतिहास को समझना होगा। आज के युवाओं को अपना स्वाभिमान जगाना होगा। डॉ.बाघमार ने कहा कि भगवान राम का जीवन हमें सिखाता है कि समरसता के मार्ग पर किस तरह से चलना है। उन्होंने विकसित भारत के सपने को साकार करने का कहा। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विवि, नई दिल्ली की कुलपति प्रोफेसर उमा कांजीलाल ने दीक्षांत भाषण में कहा कि वीएमओयू गांवों और ढाणियों तक पहुंच गया और लगातार प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि ये विश्वविद्यालय एनईपी के तहत डिजिटल शिक्षा पर जोर दे रहा है। उन्होंने कहा कि सभी विद्यार्थियों को समान अवसर दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज एआई और ऑटोमेशन के युग में अपने को नौकरी के लायक बनाना होगा। प्रो.कांजीलाल ने कहा कि स्किल इंडिया के लिए युवाओं को रोजगारोन्मुखी बनाना होगा। अब ओडीडीएल पर जोर देना होगा। वीएमओयू ने तकनीक को अपना हथियार बनाया है और प्रगति पथ पर नवाचार के लिए अग्रसर है। विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रोफेसर बीएल वर्मा ने प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने कुलाधिपति समेत सभी मंचासीन अतिथियों का स्वागत किया और उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया। कुलगुरु ने भारतीय ज्ञान परंपरा के संवर्धन की बात की। उन्होंने विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने पर जोर दिया। प्रो.वर्मा ने कहा कि खुला विवि वंचितों की उच्च शिक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।कुलसचिव डॉ.पूर्वा अग्रवाल ने सभी का आभार जताया और दीक्षांत समारोह का संचालन किया। समारोह में दिसंबर 2023 और जून 2024 व दिसंबर 2024 की परीक्षाओं की उपाधियों के अलावा तीन पीएचडी की उपाधियां दी गई। इनमें दिसंबर 2023 की कुल 24,619, जून 2024 की 26,932 तथा दिसंबर 2024 की 24,371 उपाधियां शामिल हैं। तीनों परीक्षाओं को मिलाकर कुल 75,925 उपाधियों का वितरण किया गया। उन्होंने बताया कि सभी उपाधियों में सुरक्षा के फीचर्स भी समाहित किए गए हैं, जिससे उनका कोई भी दुरूपयोग न कर सके। समारोह में कई पूर्व व वर्तमान कुलगुरु ने भी शिरकत की।

*तीन विद्यार्थियों को मिली पीएचडी की उपाधि* 

विश्वविद्यालय के तीन शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि से नवाजा गया। इनमें सलोनी जैन को वाणिज्य में, फूलचंद मेघवाल को शिक्षाशास्त्र में तथा रूपम कुमारी को अर्थशास्त्र विषय में पीएचडी की उपाधि मिली ।
*मारग्रेट, मीनाक्षी, निधि व अनुसूइया को चांसलर गोल्ड मेडल*
दिसंबर 2023 में एमबीए की परीक्षा में टॉपर विद्यार्थी मारग्रेट सूसन और जून 2024 की एमए शिक्षाशास्त्र की परीक्षा की टॉपर मीनाक्षी जायसवाल और दिसंबर 2024 की एमए हिंदी की परीक्षा में टॉपर निधि यादव व अनुसूइया चारण को कुलाधिपति स्वर्ण पदक प्रदान किया गया।
*अनीशा और गुरूत्व को विशेष पदक*
दिसंबर 2023 में बैचलर ऑफ जर्नलिस्म (बीजे) परीक्षा की टॉपर अनीशा सहारन तथा दिसंबर 2024 की बीजे परीक्षा के टॉपर गुरूत्व मालव को करूणा शंकर त्रिपाठी मेमोरियल स्वर्ण पदक प्रदान किया गया।
Tags:

Post a Comment

0Comments

Post a Comment (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!