9 वर्षीय छात्रा अमायरा मृत्यु प्रकरण में नीरजा मोदी स्कूल की मान्यता रद्द होने के बाद दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग

AYUSH ANTIMA
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जयपुर (श्रीराम इंदौरिया): नीरजा मोदी स्कूल, जयपुर में अध्ययनरत 9 वर्षीय छात्रा अमायरा की मृत्यु के अत्यंत गंभीर, संवेदनशील एवं झकझोर देने वाले प्रकरण को लेकर संयुक्त अभिभावक संघ, राजस्थान ने गुरुवार को मानसरोवर थाना इंचार्ज लखन सिंह खटाना से मुलाकात कर एसीपी साउथ, जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से स्कूल स्टाफ एवं प्रबंधन के दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की गई। संघ ने कहा कि सीबीएसई बोर्ड द्वारा जारी निरीक्षण रिपोर्ट/नोटिस के पश्चात स्कूल की मान्यता रद्द किया जाना इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि यह मामला केवल आत्महत्या का नहीं, बल्कि संस्थागत लापरवाही, मानसिक उत्पीड़न, सुरक्षा मानकों के घोर उल्लंघन एवं साक्ष्य मिटाने जैसे गंभीर आपराधिक कृत्यों का परिणाम है। सीबीएसई का यह कठोर निर्णय दर्शाता है कि प्रकरण अत्यंत गंभीर और आपराधिक प्रकृति का है। संयुक्त अभिभावक संघ के राजस्थान प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू के अनुसार, सीबीएसई के निष्कर्षों में सामने आया है कि छात्रा अमायरा लंबे समय से मानसिक प्रताड़ना और भय के वातावरण में जीने को मजबूर थी। स्कूल की एंटी-बुलिंग, चाइल्ड प्रोटेक्शन एवं सुरक्षा व्यवस्थाएं केवल कागजों तक सीमित पाई गईं। घटना के पश्चात साक्ष्य मिटाने, जांच को प्रभावित करने के प्रयास तथा सीसीटीवी निगरानी और सुरक्षा प्रबंधन में गंभीर चूक उजागर हुई है। संयुक्त अभिभावक संघ ने मांग की है कि इस प्रकरण में क्लास टीचर, संबंधित सब्जेक्ट टीचर, घटना स्थल से साक्ष्य मिटाने वाले कर्मचारी, उनके सुपरवाइजर, क्लास कोऑर्डिनेटर, स्कूल प्रिंसिपल तथा नीरजा मोदी स्कूल के मालिक/प्रबंधन
के विरुद्ध आत्महत्या के दुष्प्रेषण (Abetment to Suicide) सहित भारतीय दंड संहिता की सुसंगत धाराओं में प्रकरण दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी की जाए। प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने कहा कि अमायरा की मौत कोई हादसा नहीं, बल्कि सिस्टम फेल्योर और सुनियोजित लापरवाही का परिणाम है। सीबीएसई की रिपोर्ट ने स्कूल प्रशासन की आपराधिक जिम्मेदारी पूरी तरह उजागर कर दी है। यदि अब भी दोषियों की गिरफ्तारी में देरी होती है, तो यह पीड़ित परिवार और समूचे अभिभावक समाज के साथ अन्याय होगा। संयुक्त अभिभावक संघ स्पष्ट करता है कि न्याय में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आवश्यकता पड़ी तो आंदोलन जारी रहेगा तथा उच्च न्यायिक मंचों का दरवाजा खटखटाया जाएगा। संघ के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल ने भी प्रशासन से निष्पक्ष, प्रभावमुक्त एवं त्वरित जांच सुनिश्चित करने की मांग करते हुए कहा कि भविष्य में किसी भी बच्चे के साथ ऐसी हृदयविदारक घटना दोहराई न जाए, इसके लिए कठोर उदाहरण स्थापित किया जाना आवश्यक है। संयुक्त अभिभावक संघ ने विश्वास जताया कि राजस्थान पुलिस कानून एवं न्याय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता निभाते हुए अमायरा को न्याय दिलाने हेतु कठोर और त्वरित कार्रवाई करेगी तथा प्रदेश के स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा।

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