बीकानेर, (सरजीत सिंह)। देश की प्रथम महिला शिक्षिका, समाज सुधारक एवं क्रांतिज्योति माता सावित्रीबाई फुले की 195वीं जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय फुले सेना, बीकानेर के तत्वावधान में आयोजित मातृशक्ति सम्मान समारोह एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम भव्य एवं अनुशासित वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह आयोजन हनुमान मंदिर भवन, नत्थूसर बास, बीकानेर में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षा, समाज सेवा एवं महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली मातृशक्ति को सम्मानित करना रहा। इस अवसर पर सैकड़ों महिला शिक्षिकाओं एवं समाजसेवी महिलाओं को शॉल, प्रतीक चिन्ह एवं सम्मान पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के संयोजक नंदकिशोर गहलोत अनुसार समारोह के छोटे-छोटे बालक-बालिकाओं को निःशुल्क शिक्षण सामग्री (कॉपी, किताबें, पेन-पेंसिल आदि) का नि:शुल्क वितरण किया गया, जिससे बाल शिक्षा को प्रोत्साहन मिला।
कार्यक्रम की संयोजक नंदकिशोर गहलोत ने बताया कि कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में सामूहिक नशा मुक्ति संकल्प भी कराया गया, जिसमें उपस्थित सभी अतिथियों, मातृशक्ति एवं आमजन ने भाग लिया। इसके साथ ही कविता एवं गीतों के माध्यम से नशा मुक्ति का सशक्त संदेश दिया गया, जिसने उपस्थित जनसमूह को गहराई से प्रभावित किया।
समारोह में मदन मेघवाल, डॉ. प्रीति मेघवाल, प्रगति सोलंकी, डॉ. भूमिका सांखला, नंदलाल गहलोत, ओमप्रकाश लोहिया,भंवर कूकणा, डॉ.तपस्या गहलोत, तोलाराम सियाग, सत्यनारायण गहलोत, निरमा मेघवाल, नन्द किशोर सारस्वत सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय फुले सेना, बीकानेर के अध्यक्ष राकेश सांखला ने की।
माता सावित्रीबाई फुले के जीवन, संघर्ष एवं महिला शिक्षा में उनके ऐतिहासिक योगदान पर प्रकाश डालते हुए शिक्षा, संस्कार और नशा मुक्ति जैसे सामाजिक विषयों पर निरंतर कार्य करने का आह्वान किया।
वक्ताओं ने कहा कि मातृशक्ति का सम्मान समाज के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है, वहीं नशा मुक्ति जैसे अभियानों से ही स्वस्थ, जागरूक और सशक्त समाज का निर्माण संभव है।